विशेष संवाददाता, रायपुर/कान्स (फ्रांस)
21 मई, 2026
प्रतिष्ठित 79वें कान्स अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (79th Cannes International Film Festival) में छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय सिनेमा ने वैश्विक मंच पर एक नया इतिहास रच दिया है। फ्रांस के कान्स शहर में आयोजित हो रहे इस वैश्विक फिल्म मेले के ‘मार्चे डू फिल्म’ (फिल्म बाजार) सेगमेंट में छत्तीसगढ़ी पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म ‘आरजे बस्तर’ (RJ Bastar) की विशेष स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय दर्शकों, फिल्म समीक्षकों और सिनेमा प्रेमियों ने फिल्म की भावपूर्ण कहानी और मजबूत सामाजिक संदेश को खूब सराहा।
सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपनों की उड़ान है ‘RJ बस्तर’
मनीष मानिकपुरी द्वारा निर्देशित और पीकेएस प्रोडक्शन के बैनर तले पवन कुमार सिंह द्वारा निर्मित यह फिल्म बस्तर की एक आदिवासी लड़की के जीवन और उसके सपनों को दर्शाती है। वह तमाम सामाजिक बाधाओं, आर्थिक तंगहाली और संसाधनों की घोर कमी के बावजूद एक रेडियो जॉकी (Radio Jockey) बनने का सपना देखती है। फिल्म में आदिवासी अंचल के लोगों के दैनिक संघर्ष, उनकी अद्भुत हिम्मत, और अपने सपनों को पूरा करने की जिद को बेहद सहज और प्रभावशाली ढंग से परदे पर उतारा गया है। कान्स में मौजूद प्रतिनिधियों ने ग्रामीण भारत के इस यथार्थवादी चित्रण की जमकर तारीफ की।
‘पंचायत’ फेम चंदन रॉय मुख्य भूमिका में
लोकप्रिय वेब सीरीज ‘पंचायत’ से घर-घर में अपनी पहचान बनाने वाले मशहूर अभिनेता चंदन रॉय ने इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभाई है। कान्स से अपनी खुशी साझा करते हुए चंदन रॉय ने कहा, “यह हमारे पूरे देश और विशेषकर छत्तीसगढ़ के लिए बेहद गर्व का क्षण है। यह फिल्म दिल को छू लेने वाली है और हमें विश्वास है कि जब यह सिनेमाघरों में रिलीज होगी, तो दर्शकों का दिल जीत लेगी”।
फिल्म में चंदन रॉय के अलावा चित्राशी रावत, नेहा साहू, हर्ष राजपूत, संजय महानंद, सुनील तिवारी, और संगीता निषाद जैसे कलाकारों ने भी महत्वपूर्ण किरदार निभाए हैं। फिल्म के गानों को बॉलीवुड के मशहूर गायक शान, कृष्णा बेओरा और अनुराग शर्मा ने अपनी आवाज दी है।
छत्तीसगढ़ी सिनेमा के लिए मील का पत्थर
फिल्म के निर्देशक मनीष मानिकपुरी और निर्माता पवन कुमार सिंह ने इसे भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा की बड़ी जीत बताया है। छत्तीसगढ़ी और आंचलिक सिनेमा का कान्स जैसे प्रतिष्ठित मंच पर प्रदर्शित होना यह साबित करता है कि भारत के दूरदराज इलाकों की अनसुनी कहानियों में वैश्विक दर्शकों को आकर्षित करने का जबरदस्त दमखम है।
कान्स फिल्म फेस्टिवल के अंतरराष्ट्रीय फिल्म बाजार में भारत इस बार एक बड़े ‘कंटेंट क्रिएटर’ के रूप में उभरा है। ‘आरजे बस्तर’ की इस सफलता ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और सिनेमाई क्षमता को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित कर दिया है।
