रायपुर/बैकुंठपुर 22 मई । खाद गबन मामले में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई: कोरिया के प्रभारी शाखा प्रबंधक कल्लु प्रसाद मिश्रा निलंबित, सीएम साय का कड़ा रुख
छत्तीसगढ़ में ‘सुशासन तिहार 2026’ के दौरान आम जनता की शिकायतों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई करने की राज्य सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर सख्ती से अमल शुरू हो गया है। कोरिया जिले के खड़गंवा अंतर्गत जिल्दा समिति में खाद वितरण से जुड़े गबन के एक गंभीर मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई में ढिलाई बरतने पर शासन ने बड़ी गाज गिराई है। मामले में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर प्रभारी शाखा प्रबंधक एवं नोडल अधिकारी (कोरिया) श्री कल्लु प्रसाद मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर त्वरित एक्शन
मिली जानकारी के अनुसार, जिल्दा सहकारी समिति में खाद वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितता और गबन की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। इस संवेदनशील मामले की उच्च स्तरीय समीक्षा के दौरान यह बात खुलकर सामने आई कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा दोषियों को बचाने या कार्रवाई में जानबूझकर ढिलाई और लापरवाही बरती जा रही थी। मामले को संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सख्त रुख अख्तियार किया और जिम्मेदार अधिकारियों पर बिना देरी किए तत्काल दंडात्मक कार्रवाई करने के कड़े निर्देश जारी किए।
मुख्यालय बैकुंठपुर किया गया तय
मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के परिपालन में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, अंबिकापुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) ने आज त्वरित आदेश जारी कर श्री कल्लु प्रसाद मिश्रा, सहायक लेखापाल (प्रभारी शाखा प्रबंधक) को सस्पेंड कर दिया। जारी निलंबन आदेश के मुताबिक, निलंबन की इस पूरी अवधि के दौरान उनका आधिकारिक मुख्यालय शाखा बैकुंठपुर, जिला कोरिया निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
सुशासन और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रशासनिक गलियारों में इस कार्रवाई को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के उस संकल्प से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने प्रदेश में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशील प्रशासन देने की बात कही है। सुशासन तिहार 2026 के माध्यम से सरकार यह साफ संदेश दे रही है कि किसानों के हक पर डाका डालने वाले और सरकारी काम में लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। शिकायत मिलते ही प्रशासनिक और संस्थागत स्तर पर हो रही इस तरह की ताबड़तोड़ कार्रवाइयों से आम जनता और खासकर किसान वर्ग में सरकार के प्रति भरोसा और ज्यादा मजबूत हो रहा है।
