रायपुर 23 मई। विशेष संवाददाता, चिरमिरी (मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर)। चिरमिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस: ‘संवाद से संपूर्ण समाधान’ के संकल्प के साथ धरातल पर उतरा ‘सुशासन तिहार 2026’
चिरमिरी: छत्तीसगढ़ शासन के ‘सुशासन तिहार 2026’ अभियान के अंतर्गत आज चिरमिरी में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रेस वार्ता में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ‘संवाद से संपूर्ण समाधान’ केवल एक नारा नहीं बल्कि साय सरकार की कार्यशैली का मुख्य आधार है। 1 मई से शुरू हुआ यह महाअभियान आगामी 10 जून 2026 तक चलेगा, जिसके तहत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर जन समस्या निवारण समाधान शिविर लगाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश: जनता से हो बेहतर व्यवहार
हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चिरमिरी के तानसेन भवन में कोरिया, सूरजपुर और एमसीबी जिले की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि मुख्यमंत्री खुद किसी भी समय औचक निरीक्षण पर निकल सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को साफ तौर पर हिदायत दी है कि आम जनता के साथ संवेदनशीलता से पेश आएं और शिविरों में प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक महीने के भीतर अनिवार्य रूप से निराकरण सुनिश्चित करें।
मौके पर ही मिल रही है राहत
प्रशासनिक अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि सुशासन तिहार-2026 का मुख्य फोकस राजस्व मामलों (जैसे नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन), मनरेगा मजदूरी, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को दूर करना है। शिविरों में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए जा रहे हैं, जहाँ आवेदनों की न केवल ऑनलाइन एंट्री की जा रही है, बल्कि कई हितग्राहियों को मौके पर ही नए राशन कार्ड व अन्य प्रमाण पत्र सौंपे जा रहे हैं।
डिजिटल रिकॉर्ड और जवाबदेही तय
प्रेस वार्ता के दौरान यह भी साझा किया गया कि इस बार व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए राजस्व रिकॉर्ड और बंदोबस्त दस्तावेजों के डिजिटलाइजेशन पर भी काम किया जा रहा है। जो आवेदन तत्काल हल नहीं हो पा रहे हैं, उनकी ट्रैकिंग के लिए प्रत्येक आवेदक को पावती और उनके आवेदन की स्थिति की लाइव जानकारी प्रदान की जा रही है। जिन विभागों में जनसमस्याएं बिना किसी ठोस कारण के लंबित पाई जाएंगी, उन अधिकारियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई और जवाब-तलब किया जाएगा।
जनप्रतिनिधि और प्रभारी सचिव कर रहे निगरानी
अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्थानीय विधायक, सांसद, प्रभारी सचिव और स्वयं मंत्रीगण लगातार इन शिविरों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के समापन पर अधिकारियों ने चिरमिरी और आसपास के क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन समाधान शिविरों में पहुँचकर अपनी समस्याओं को रखें और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ उठाएं।
