रायपुर29 मई । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय अस्मिता, संस्कृति और सनातन प्रतीकों का अपमान करने वालों पर कड़ा प्रहार किया है। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा है कि देश की जनता अब ऐसे किसी भी व्यक्ति को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है, जो ‘वंदे मातरम्’ या ‘भारत माता’ का अपमान करता है। उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्हें ‘भारत माता की जय’ कहने से परहेज है और जो भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न खड़ा करते हैं, आज पूरा देश देख रहा है कि उनका क्या हश्र हो रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के इस तीखे बयान को राज्य की सियासत और राष्ट्रीय विमर्श से जोड़कर देखा जा रहा है। अपने आधिकारिक बयान में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक मूल्यों को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि भारत की आत्मा यहां की संस्कृति, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम और देशप्रेम में बसती है। कुछ राजनीतिक दल और लोग तुष्टिकरण की राजनीति के चलते लगातार देश के गौरवमयी इतिहास और आस्था के केंद्रों पर चोट करते रहे हैं, लेकिन अब देश की जागरूक जनता उन्हें उनकी सही जगह दिखा रही है।
राष्ट्रवाद और सनातन का अपमान स्वीकार नहीं: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ केवल नारे नहीं हैं, बल्कि यह करोड़ों भारतीयों की रगों में बहने वाली देशभक्ति की भावना है। स्वतंत्रता संग्राम में लाखों वीरों ने इन नारों को लगाते हुए हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। ऐसे पवित्र उद्घोषों से जिन्हें दिक्कत है या जो इसका विरोध करते हैं, उन्हें देश की जनता कभी स्वीकार नहीं कर सकती।
भगवान श्रीराम के मुद्दे पर विपक्ष को घेरते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राम इस देश के कण-कण में व्याप्त हैं। वे भारत की संस्कृति और अस्मिता की पहचान हैं। जिन लोगों ने प्रभु श्रीराम के नाम पर सवाल उठाए, उनके अस्तित्व को काल्पनिक बताने की कोशिश की, आज वे देश की राजनीति में पूरी तरह हाशिए पर चले गए हैं। जनता ने अपनी सांस्कृतिक विरासत का अपमान करने वालों को लोकतांत्रिक तरीके से करारा जवाब दिया है और उनका राजनीतिक पतन इसका सीधा प्रमाण है।
छत्तीसगढ़ में सांस्कृतिक पुनरुत्थान का दौर
मुख्यमंत्री के इस बयान को छत्तीसगढ़ में चल रहे सांस्कृतिक और धार्मिक विकास कार्यों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में राज्य सरकार राम वन गमन पर्यटन परिपथ के विकास, राजिम कुंभ (कल्प) के भव्य आयोजन और माता कौशल्या धाम के सुंदरीकरण जैसे प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने साफ संकेत दे दिया है कि उनकी सरकार विकास के साथ-साथ राज्य की सांस्कृतिक धरोहरों और सनातन मूल्यों के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस बयान के बाद प्रदेश के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री साय ने इस बयान के जरिए एक तरफ जहां अपनी सरकार के राष्ट्रवाद के एजेंडे को और मजबूत किया है, वहीं दूसरी तरफ तुष्टिकरण और सनातन विरोधी राजनीति करने वाले दलों को कड़ा संदेश दिया है।
