राजनांदगांव 30 मई ।ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा राजयोग मेडिटेशन शिविर का शुभारंभ, आत्मिक जागृति का संदेश
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वावधान में स्थानीय जमातपारा, शीतला मंदिर मार्ग (नये गुरुद्वारा के पीछे) में सात दिवसीय “शिव अमृतवाणी एवं राजयोग मेडिटेशन शिविर” का भव्य शुभारंभ हुआ। 29 मई, शुक्रवार को आयोजित इस उद्घाटन सत्र में परमपिता परमात्मा शिव की आरती और दीप प्रज्ज्वलन के साथ पूरा माहौल आध्यात्मिक और श्रद्धापूर्ण हो गया।

इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य रूप से लता यादव, सुधा यादव, शशी यादव, शारदा पाल, ब्रह्माकुमारी पुष्पा बहनजी, मधु बहनजी, अंजली बहनजी, चंदा बहनजी और ब्रह्माकुमार मुरलीधर सोमानी उपस्थित रहे। सभी ने दीप प्रज्ज्वलित कर शिविर की सफलता की कामना की और पहले दिन के आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ उठाया।
‘हम शरीर नहीं, शांत स्वरूप आत्मा हैं’
मुख्य वक्ता एवं सेवाकेंद्र संचालिका राजयोगिनी पुष्पा दीदी जी ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया। उन्होंने जीवन में अध्यात्म की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा, “प्रत्येक मनुष्य मूल रूप से एक पवित्र आत्मा है, यह भौतिक शरीर नहीं। जब हम देह-अभिमान को छोड़कर स्वयं को आत्मा के रूप में पहचानते हैं, तभी जीवन में वास्तविक सुख, शांति और आनंद का संचार होता है।” उन्होंने आगे कहा कि आत्म-स्वरूप की स्मृति ही आज के समय में डिप्रेशन, तनाव और आपसी मतभेदों जैसी अनेक समस्याओं का एकमात्र स्थायी समाधान है।

राजयोग से मिलेगी मानसिक शक्ति
राजयोग मेडिटेशन के व्यावहारिक फायदों पर प्रकाश डालते हुए पुष्पा दीदी ने बताया कि यह कोई कठिन साधना नहीं है। यह मन का परमात्मा से सीधा संबंध जोड़ने का सहज तरीका है। नियमित राजयोग के अभ्यास से एकाग्रता बढ़ती है। मानसिक शक्तियां जागृत होती हैं। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में यह साधना व्यक्ति को तनावमुक्त रखकर एक संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की कला सिखाती है।
4 जून तक चलेगा शिविर, प्रवेश निःशुल्क
आयोजन समिति ने बताया कि यह आध्यात्मिक शिविर 4 जून, गुरुवार तक निरंतर जारी रहेगा। इस दौरान प्रतिदिन रात्रि 8:00 बजे से 9:00 बजे तक विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसमें अनुभवी राजयोग प्रशिक्षकों द्वारा गहन आध्यात्मिक प्रवचन और व्यावहारिक राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया जाएगा।
संस्था के सदस्यों और आयोजकों ने राजनांदगांव के समस्त नगरवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस शिविर में पहुंचकर अपने जीवन को सुखमय और तनावमुक्त बनाने के लिए राजयोग साधना का लाभ उठाएं।
