रायपुर 31 मई । रायपुर रेलवे स्टेशन पर बिक रही थी कम मात्रा वाली ‘फर्जी चाय’, IRCTC लोगो का अवैध इस्तेमाल कर कप बनाने वाली गुढ़ियारी की फैक्ट्री सील
रायपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रा करने वाले मुसाफिरों की जेब और सेहत से खिलवाड़ करने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। रेलवे प्रशासन, स्थानीय जिला प्रशासन और नापतोल विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कम क्षमता के कप बनाने वाली एक अवैध कार्यशाला पर छापा मारा है। यह फैक्ट्री रेलवे की अधिकृत संस्था IRCTC के लोगो (Logo) का फर्जी इस्तेमाल कर मानक से छोटे आकार के कप तैयार कर रही थी। मामले में टीम ने 14 बोरे अवैध कप जब्त कर फैक्ट्री को सील कर दिया है और संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

स्टेशन पर कप देखकर हुआ शक
जानकारी के अनुसार, रायपुर रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Sr. DCM) अवधेश कुमार त्रिवेदी को रायपुर स्टेशन के स्टालों पर चाय के लिए इस्तेमाल होने वाले कपों के साइज पर संदेह हुआ। नियमानुसार यात्रियों को 170/150 एमएल साइज के कप में चाय दी जानी चाहिए, लेकिन स्टेशन पर कप छोटे दिख रहे थे।

उन्होंने तत्काल इसकी जांच कराई तो पता चला कि इन कपों की सप्लाई नर्मदापारा स्थित ‘रवि ट्रेडिंग’ द्वारा की जा रही थी। रवि ट्रेडिंग के संचालक से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने बताया कि वह ये कप गुढ़ियारी स्थित ‘आदित्य पेपर फर्म’ से खरीदता था।

गुढ़ियारी की फैक्ट्री में छापा, 14 बोरे कप जब्त
कड़ी जुड़ने के बाद रेलवे वाणिज्य विभाग, रेलवे सुरक्षा बल (RPF), रायपुर एसडीएम नंद कुमार चौबे और नापतोल विभाग के निरीक्षक जीवंत सिंह कंवर की संयुक्त टीम ने गुढ़ियारी की आदित्य पेपर फर्म पर औचक दबिश दी। जांच में टीम के होश उड़ गए। वहां बिना किसी अनुमति के IRCTC के आधिकारिक लोगो छपे हुए कप धड़ल्ले से बनाए जा रहे थे।

ये कप निर्धारित मानक (150/170 एमएल) से काफी छोटे थे, यानी यात्रियों को पैसे पूरे देने पड़ रहे थे लेकिन चाय कम मिल रही थी। नापतोल विभाग ने जांच के लिए 20 कपों का सैंपल लिया और मौके से 14 बोरे अवैध कप सील कर जब्त कर लिए।
टीम में ये रहे शामिल
इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में रायपुर रेल मंडल के वाणिज्य विभाग के मुख्य वाणिज्य निरीक्षक टी. नाग, अभिजीत डे, धनंजय और चीफ पब्लिसिटी इंस्पेक्टर शिवप्रसाद समेत आरपीएफ के जवान शामिल रहे। प्रशासन ने संबंधित फर्म संचालकों को भविष्य में ऐसी धोखाधड़ी न करने की सख्त चेतावनी दी है।

“अनियमितता बर्दाश्त नहीं होगी, 139 पर करें शिकायत”
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी ने कहा कि यात्रियों को परोसे जाने वाले खाद्य और पेय पदार्थों की गुणवत्ता और मात्रा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। फर्जी ब्रांडिंग और आईआरसीटीसी के लोगो का दुरुपयोग एक गंभीर अपराध है।
रेलवे ने आम यात्रियों से भी अपील की है कि यदि उन्हें स्टेशन या ट्रेन में खान-पान की सामग्री में कोई कमी, कम मात्रा या अनियमितता दिखे, तो वे तुरंत रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 या ‘रेल मदद’ (Rail Madad) ऐप पर इसकी शिकायत दर्ज कराएं ताकि तत्काल एक्शन लिया जा सके।
