सारंगढ़-बिलाईगढ़ (भिखमपुरा)। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भिखमपुरा में की पंचमुखी हनुमान जी की पूजा-अर्चना; सुशासन तिहार के तहत ग्रामीणों से किया सीधा संवाद
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज ‘सुशासन तिहार’ अभियान के तहत सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्रामीण अंचल का दौरा किया। वे ग्राम भिखमपुरा स्थित स्वामी शिवानंद विद्यापीठ एवं गौसेवा आश्रम परिसर पहुंचे। यहाँ उन्होंने श्री पंचमुखी दक्षिणाभिमुख सिद्ध हनुमान मंदिर में विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने संकटमोचन हनुमान जी से प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और राज्य की निरंतर प्रगति की मंगलकामना की।

राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध
पूजा-अर्चना के बाद उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्धि, जनकल्याण और सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का हर नागरिक खुशहाल हो, यही हमारी सरकार का मुख्य ध्येय है।

सुशासन तिहार: शासन और जनता के बीच मजबूत कड़ाई
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इन दिनों ‘सुशासन तिहार’ के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों के ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों का सघन और सतत दौरा कर रहे हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं के जमीनी क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति को जानना है। मुख्यमंत्री सीधे आम जनता से संवाद कर रहे हैं और मौके पर ही समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे रहे हैं।

गौसेवा आश्रम परिसर में सजी चौपाल, सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं
भिखमपुरा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने गौसेवा आश्रम परिसर में आयोजित ग्रामीण चौपाल में हिस्सा लिया। उन्होंने वहां उपस्थित ग्रामीणों से बेहद आत्मीय माहौल में सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की समस्याएं, शिकायतें, सुझाव और उनकी अपेक्षाएं बेहद ध्यान से सुनीं। उन्होंने लोगों से यह भी फीडबैक लिया कि उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से मिल रहा है या नहीं।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि ‘सुशासन तिहार’ शासन और जनता के बीच विश्वास को और अधिक मजबूत करने का एक बेहद महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके जरिए प्रशासन खुद चलकर सीधे लोगों के दरवाजे तक पहुंच रहा है, ताकि उनकी समस्याओं का मौके पर ही त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
चौपाल के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और भारी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।
