सारंगढ़-बिलाईगढ़/बरमकेला, 4 जून 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भीखमपुरा सपेरा बस्ती में परखी विकास कार्यों की जमीनी हकीकत, वर्षों से मूलभूत सुविधाओं से वंचित परिवारों से किया सीधा संवाद
राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी ‘सुशासन तिहार’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड के दूरस्थ ग्राम भीखमपुरा पहुंचे। यहां उन्होंने सपेरा बस्ती का सघन दौरा कर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत बन रहे मकानों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने जमीन पर चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सालों से बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे सवरा (सपेरा) जनजाति के परिवारों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही अधिकारियों को निराकरण के कड़े निर्देश दिए।

समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे विकास का लाभ: मुख्यमंत्री
निर्माणाधीन आवासों की दीवारों और काम की गुणवत्ता को बारीकी से देखने के बाद मुख्यमंत्री श्री साय ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार का यह दृढ़ संकल्प है कि विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को मिलना चाहिए। हर गरीब और पात्र परिवार को एक सुरक्षित और सम्मानजनक छत देना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।”

मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद कलेक्टर और विभागीय अधिकारियों को सख्त लहजे में हिदायत दी कि जितने भी आवास स्वीकृत हुए हैं, उन्हें पूरी पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता के साथ तय समय-सीमा के भीतर पूरा कराया जाए। काम में किसी भी प्रकार की लेत-लतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

35 साल का इंतजार खत्म, पक्के मकान का सपना हो रहा साकार
मुख्यमंत्री से सीधी बातचीत के दौरान भावुक होते हुए सपेरा बस्ती के बुजुर्गों और ग्रामीणों ने अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि वे पिछले लगभग 35 वर्षों से टूटे-फूटे कच्चे मकानों और झोपड़ियों में डर-डर कर जीवन गुजार रहे थे। मौसम की मार और असुरक्षा के बीच जिंदगी कट रही थी।

ग्रामीणों ने कहा, “प्रधानमंत्री आवास योजना ने हमारी जिंदगी बदल दी है। अब हमारा खुद के पक्के घर का सपना सच हो रहा है। यह पहली बार है जब हमें और हमारे बच्चों को एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने की उम्मीद दिखाई दे रही है।”
जाति प्रमाण पत्र की समस्या का तुरंत होगा समाधान
संवाद के दौरान सवरा समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री के सामने जाति प्रमाण पत्र न बनने और कुछ अन्य प्रशासनिक अड़चनों की मांग रखी। मुख्यमंत्री श्री साय ने इन मांगों को बेहद संवेदनशीलता से सुना। उन्होंने मंच से ही जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सपेरा बस्ती के सभी पात्र लोगों के जाति प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी सरकारी दस्तावेज बनाने के लिए विशेष शिविर लगाया जाए और मामलों का त्वरित निपटारा किया जाए।

मुख्यमंत्री की सहजता ने जीता दिल: रमाबाई को मिली बैसाखी, बच्चों को बांटी चॉकलेट
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री का एक बेहद संवेदनशील और आत्मीय रूप देखने को मिला। बस्ती की दिव्यांग महिला हितग्राही रमाबाई सिदार को चलने में हो रही तकलीफ को देखकर मुख्यमंत्री ने खुद आगे बढ़कर उन्हें बैसाखी प्रदान की और उनका हालचाल जाना। बैसाखी पाकर रमाबाई के चेहरे पर मुस्कान तैर गई।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने बस्ती के छोटे बच्चों को अपने पास बुलाया, उन्हें दुलार किया और चॉकलेट वितरित की। बच्चों से उन्होंने पढ़ाई-लिखाई को लेकर भी आत्मीय बातचीत की। राज्य के मुखिया को अपने इतने करीब और सहज रूप में पाकर पूरी सपेरा बस्ती के ग्रामीणों में भारी उत्साह और खुशी का माहौल था।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, संभाग और जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा भारी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।
