रायपुर, 5 जून 2026: नीट (यूजी) 2026 पुनः परीक्षा: मुख्य सचिव ने दिए पुख्ता सुरक्षा और मॉकड्रिल के निर्देश, वायुसेना के जरिए पहुंचेंगे प्रश्न-पत्र
छत्तीसगढ़ में आगामी 21 जून को आयोजित होने वाली नीट (यूजी) 2026 की पुनः परीक्षा को लेकर राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में मुख्य सचिव ने सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों (SP) को परीक्षा के सुचारु और पारदर्शी संचालन के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

19 शहरों में बनेंगे 127 परीक्षा केंद्र
बैठक में विशेष रूप से शामिल हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के महानिदेशक श्री अभिषेक सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ के 19 शहरों में पुनः परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके लिए राज्य भर में कुल 127 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार और एनटीए द्वारा जारी सभी गाइडलाइंस का परीक्षा केंद्रों पर कड़ाई से पालन किया जाना अनिवार्य है।
एयरफोर्स संभालेगी प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा
परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए इस बार सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए जा रहे हैं। बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार, परीक्षा के प्रश्न-पत्र और ओएमआर (OMR) शीट को लाने-ले जाने (मूवमेंट) का काम भारतीय वायुसेना (Air Force) के माध्यम से किया जाएगा। मुख्य सचिव ने कलेक्टर और एसपी को निर्देश दिए हैं कि वे इन गोपनीय सामग्रियों को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत कार्ययोजना और पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती पहले से सुनिश्चित कर लें।
20 जून को होगी मॉकड्रिल
तैयारियों में किसी भी स्तर पर चूक न हो, इसके लिए मुख्य सचिव ने परीक्षा से ठीक एक दिन पहले यानी 20 जून को सभी केंद्रों पर ‘मॉकड्रिल एक्सरसाइज’ करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मॉकड्रिल की रूपरेखा पहले से तैयार कर ली जाए, ताकि परीक्षा के दिन कानून व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर कोई समस्या खड़ी न हो। इसके साथ ही, हर जिले में एक समर्पित नियंत्रण कक्ष (Control Room) स्थापित किया जाएगा, जो परीक्षा के दिन लगातार सक्रिय रहकर पल-पल की निगरानी करेगा।
डॉक्टरों और शिक्षकों की संयुक्त टीम करेगी बच्चों की काउंसलिंग
परीक्षा को लेकर छात्रों के मानसिक तनाव को कम करने के लिए मुख्य सचिव ने एक संवेदनशील पहल की है। उन्होंने कहा, “परीक्षा देने जा रहे बच्चे बिल्कुल न घबराएं और पूरे आत्मविश्वास के साथ पेपर दें।” इस उद्देश्य से उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) की एक संयुक्त टीम बनाई जाए। यह टीम परीक्षा से पहले बच्चों की काउंसलिंग करेगी, ताकि वे बिना किसी मानसिक दबाव के परीक्षा में शामिल हो सकें।
बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को परीक्षा से पहले ही व्यक्तिगत रूप से केंद्रों का निरीक्षण करने और सभी व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं।
