रायपुर/बलौदाबाजार, 5 जून 2026। महिला निर्माण श्रमिकों को मिलेगी नई उड़ान, ई-रिक्शा के लिए छत्तीसगढ़ सरकार दे रही ₹1.50 लाख की सब्सिडी
छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के गरीब और मेहनतकश तबके के उत्थान के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित ‘भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल’ द्वारा निर्माण कार्य से जुड़ी महिला श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी कदम उठाया गया है। मंडल द्वारा पिछले 3 वर्षों से सफलतापूर्वक संचालित की जा रही ‘दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना’ के तहत अब पात्र महिला श्रमिकों को ई-रिक्शा खरीदने पर 1,50,000 रुपये (डेढ़ लाख रुपये) की भारी अनुदान राशि (सब्सिडी) प्रदान की जा रही है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य निर्माण क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं के जीवनयापन के स्तर को ऊंचा उठाना, उन्हें सम्मानजनक स्वरोजगार मुहैया कराना और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
अपनी पसंद की कंपनी चुनने की आजादी, ऐसे मिलेगा लाभ
योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके तहत पात्र निर्माण महिला श्रमिक अपनी पसंद की किसी भी ई-रिक्शा कंपनी का चयन कर सकती हैं। महिला श्रमिक को सबसे पहले अपनी पसंद के ई-रिक्शा के लिए बैंक से ऋण (लोन) प्राप्त करना होगा। बैंक लोन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मण्डल द्वारा निर्धारित 1.50 लाख रुपये की अनुदान राशि सीधे प्रदान की जाएगी, जिससे महिलाओं पर कर्ज का बोझ बेहद कम हो जाएगा।
इन माध्यमों से कर सकते हैं आवेदन
योजना का लाभ उठाने के लिए श्रम विभाग ने आवेदन की प्रक्रिया को बेहद सरल और सुलभ बना दिया है। पात्र महिला श्रमिक निम्नलिखित माध्यमों से अपना आवेदन जमा कर सकती हैं:
- ऑनलाइन पोर्टल: विभाग की आधिकारिक वेबसाइट shramevjayate.cg.gov.in पर जाकर।
- मोबाइल ऐप: अपने स्मार्टफोन में Shramev Jayate Mobile App डाउनलोड करके।
- श्रम केंद्र व चॉइस सेंटर: अपने नजदीकी श्रम संसाधन केंद्र या किसी भी चॉइस सेंटर (Choice Center) के माध्यम से।
- ऑफलाइन (बलौदाबाजार): बलौदाबाजार जिले के हितग्राही जिला श्रम कार्यालय के कक्ष क्रमांक 117 में स्वयं उपस्थित होकर भी अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।
60 प्रवर्गों के श्रमिकों के लिए चल रही हैं 28 योजनाएं
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के अंतर्गत निर्माण कार्य से जुड़े कुल 60 प्रकार के प्रवर्गों (कैटेगरी) के श्रमिकों का पंजीयन किया जाता है। मण्डल में पंजीकृत इन श्रमिकों के लिए उनके ‘जन्म से लेकर मृत्यु तक’ लगभग 28 प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, विवाह, प्रसूति सहायता और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। ‘दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना’ इसी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।
विभाग ने सभी पात्र महिला निर्माण श्रमिकों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन करें और आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाएं।
