आम जनता की समस्याओं का तुरंत होगा समाधान, छत्तीसगढ़ में 9 जून से शुरू होगी ‘सीएम हेल्पलाइन’

रायपुर, 5 जून 2026: आम जनता की समस्याओं का तुरंत होगा समाधान, छत्तीसगढ़ में 9 जून से शुरू होगी ‘सीएम हेल्पलाइन’

मुख्य सचिव श्री विकासशील ने ली उच्च स्तरीय बैठक, कहा- काम में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी
छत्तीसगढ़ सरकार आम जनता की शिकायतों को दूर करने के लिए एक नई और आधुनिक व्यवस्था शुरू करने जा रही है। राज्य के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में सीएम हेल्पलाइन को लेकर एक बड़ी बैठक ली। इस उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली हर शिकायत का निपटारा पूरी संवेदनशीलता और तेजी के साथ किया जाए।

9 जून से शुरू होगी हेल्पलाइन
मुख्य सचिव ने सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों को तैयारी तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में 9 जून 2026 से सीएम हेल्पलाइन की शुरुआत होने जा रही है। इस संबंध में सभी विभागों के सचिवों, विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और जिला कलेक्टरों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी करने के लिए कहा गया है। मुख्य सचिव ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि आम लोगों की शिकायतों को तय समय के भीतर दूर करना होगा और इस काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ऐसे काम करेगी नई प्रणाली
बैठक में मुख्यमंत्री एवं सुशासन विभाग के सचिव श्री राहुल भगत ने एक प्रस्तुतीकरण (प्रेजेंटेशन) के जरिए इस नई प्रणाली के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि शिकायतों को सुलझाने के लिए एक स्वचालित (ऑटोमैटिक) सिस्टम बनाया गया है। इसके तहत शिकायतें समाधान के लिए अपने आप एल-1 से लेकर एल-4 स्तर के अधिकारियों तक पहुंच जाएंगी। इससे काम में देरी नहीं होगी।

इन माध्यमों से दर्ज करा सकेंगे शिकायत
सचिव श्री राहुल भगत ने बताया कि आगामी दिनों में सीएम हेल्पलाइन के लॉन्च होने के बाद नागरिक कई आसान तरीकों से अपनी शिकायत सीधे सरकार तक पहुंचा सकेंगे:

  • टोल-फ्री नंबर: नागरिक सीधे 1076 पर कॉल कर सकते हैं।
  • डिजिटल माध्यम: लोग वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप के जरिए भी अपनी बात रख सकेंगे।

जनता से लिया जाएगा फीडबैक
इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि शिकायत दूर होने के बाद सरकार सीधे नागरिकों से बात करेगी। उनसे पूछा जाएगा कि क्या वे समाधान से संतुष्ट हैं या नहीं। इस पारदर्शी फीडबैक प्रक्रिया से अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और लोगों का भरोसा सरकार पर बढ़ेगा।

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