रायपुर/धमतरी 7 जून । धमतरी जिले के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी: अब कम खर्च में बढ़ेगी धान की पैदावार
छत्तीसगढ़ का किसान अब पुरानी परंपराओं को छोड़कर नए जमाने की खेती अपनाने लगा है। धमतरी जिले को आगे बढ़ाने के लिए गुरुवार को एक बड़ा और ऐतिहासिक काम किया गया। जिले के कुरूद इलाके में हुए एक बड़े कार्यक्रम से 10 गाँवों के किसानों के लिए तरक्की के नए रास्ते खुल गए हैं।

खेती में आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए ‘सेंटर फॉर एडवांस रिसर्च एंड डेवलपमेंट’ (CARD) संस्था ने एक बेहतरीन शुरुआत की है। कुरूद के चर्रा में बने कृषि कॉलेज में एक शानदार कार्यक्रम रखा गया था। इस कार्यक्रम में जिले के 10 खास गाँवों के कस्टम हायरिंग सेंटरों (मशीन केंद्रों) को धान बोने की आधुनिक ‘सीड ड्रिल मशीनें’ बांटी गईं। इन नई मशीनों के आने से अब छोटे और गरीब किसानों को भी बहुत कम किराये पर आधुनिक मशीनें मिल सकेंगी।
इन 10 गाँवों को मिलेगा सीधा फायदा
सरकार की इस योजना से जिले के कन्हारपुरी, मोंगरा, कुर्रा, देवरी, राखी, गातापार, भैसबोड़, कुहकुहा, अटंग और बकली गाँवों को सीधे जोड़ा गया है। इस खास मौके पर कार्ड फाउंडेशन और कृषि विभाग ने मिलकर किसानों के लिए एक दिन की ट्रेनिंग भी रखी। इस ट्रेनिंग में खेती के बड़े वैज्ञानिकों ने किसानों को धान की सीधी बुआई (डायरेक्ट सीडिंग राईस) करने का नया और आसान तरीका सिखाया।

पानी, बीज और मजदूरी की होगी भारी बचत
खेती के जानकारों का कहना है कि यह नई तकनीक धमतरी के किसानों की किस्मत बदल देगी। पुरानी पद्धति (रोपा लगाने) की तुलना में इस नए तरीके से धान बोने पर बीज बहुत कम लगता है और मजदूरों का खर्च भी बच जाता है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस तकनीक से पानी की बहुत ज्यादा बचत होती है, जो धरती में पानी बचाने के लिए एक बड़ा कदम है। कम लागत और वैज्ञानिक तरीके से देखरेख करने से फसल ज्यादा होगी और किसानों की जेब में ज्यादा पैसा आएगा।
कलेक्टर ने कहा- किसानों की आय दोगुनी करना हमारा लक्ष्य
इस बड़ी कामयाबी पर जिले के कलेक्टर ने बहुत खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के भले के लिए हमेशा तैयार है। धमतरी को आगे बढ़ाने में खेती और किसानों का सबसे बड़ा हाथ है। इन आधुनिक मशीनों और नई तकनीकों की मदद से सरकार का लक्ष्य छोटे से छोटे किसान की फसल पैदावार को बढ़ाना और उनकी कमाई को दोगुना करना है।
