राजनांदगांव 9 जून । विशेष दुग्धाभिषेक और नित्य नए श्रृंगार से अलौकिक हुआ बाबा रामदेव का दरबार, श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन विशाल भंडारे (महाप्रसाद) का आयोजन।
पुरुषोत्तम मास (अधिकमास) के पावन अवसर पर संस्कारधानी राजनांदगांव के प्रसिद्ध बाबा रामदेव ‘तीलों के पीर’ रामसापीर मंदिर में भक्ति की बयार बह रही है। इस पवित्र महीने में भगवान के विशेष पूजन और अनुष्ठान के लिए मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है। पूरा वातावरण बाबा के जयकारों और मंत्रोच्चार से गूंज उठा है।

रोजाना हो रहा अलौकिक दुग्धाभिषेक और श्रृंगार
उत्सव के तहत रामसापीर मंदिर में स्थापित बाबा की समाधि नुमा प्रतिमा का प्रतिदिन सुबह दूध से भव्य अभिषेक (दुग्धाभिषेक) किया जा रहा है। इसके बाद बाबा का नित्य नया, आकर्षक और अलौकिक श्रृंगार किया जाता है। श्रद्धा के प्रतीक स्वरूप बाबा को प्रतिदिन नवीन रेशमी चादर भी ओढ़ाई जा रही है। शाम ढलते ही बाबा की भव्य सायंकालीन महाआरती की जाती है, जिसकी दिव्य ज्योति के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुट रहे हैं।
पंडित मणिकांत शर्मा द्वारा विष्णु सहस्रनाम का पाठ प्रारंभ
इसी कड़ी में सोमवार से मंदिर में एक और विशेष धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत हुई। शाम 5 बजे बाबा के दिव्य श्रृंगार के बाद विद्वान पंडित मणिकांत शर्मा जी द्वारा ‘विष्णु सहस्रनाम’ के महापाठ का शुभारंभ किया गया। भगवान विष्णु के हजार नामों के इस जाप से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है।
भक्तों के लिए प्रतिदिन महाप्रसाद (भंडारे) की व्यवस्था
पुरुषोत्तम मास के पुण्य अवसर पर मंदिर समिति द्वारा दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष भोजन और भंडारे की व्यवस्था की गई है। पूजन और आरती के बाद प्रतिदिन उपस्थित सभी भक्तों को आदरपूर्वक महाप्रसाद वितरित किया जा रहा है। भंडारे की उत्तम व्यवस्था से भक्तगण काफी हर्षित हैं और शांतिपूर्ण ढंग से प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।
व्यवस्थाओं में जुटी मंदिर समिति
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और भंडारे के सफल संचालन के लिए मंदिर समिति के प्रमुख पदाधिकारियों और सेवादारों द्वारा विशेष इंतजाम किए गए हैं। मंदिर समिति के अध्यक्ष सचिव और कोषाध्यक्ष सहित वरिष्ठ सदस्य लगातार मंदिर परिसर में उपस्थित रहकर दर्शन व्यवस्था, भोजन व्यवस्था और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। समिति के सदस्यों ने बताया कि इस पावन महीने में बाबा के दर्शन और महाप्रसाद ग्रहण करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
