- माता कौशल्या की पावन भूमि पर मुख्यमंत्री ने किया सांसद व अभिनेत्री कंगना रनौत का आत्मीय स्वागत।
- छत्तीसगढ़ की माटी के बेटे मनोज तापड़िया ने किया है फिल्म का निर्देशन, सीएम ने जताया गर्व।
- 26/11 मुंबई हमले में अपनी जान पर खेलकर सैकड़ों लोगों को बचाने वाले डॉक्टरों और नर्सों की दिखेगी कहानी।
रायपुर, 9 जून 2026।
राजधानी रायपुर का जोरा मॉल आज एक ऐतिहासिक और भव्य कार्यक्रम का गवाह बना। यहाँ देश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ की प्री-लॉन्च स्क्रीनिंग सेरेमनी का आयोजन बेहद गरिमामय माहौल में किया गया। इस खास और बड़े मौके पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं उनके परिजन भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

इस हाई-प्रोफाइल इवेंट में फिल्म की मुख्य अभिनेत्री और प्रख्यात सांसद सुश्री कंगना रनौत भी रायपुर पहुँचीन। उनके साथ फिल्म के निर्देशक श्री मनोज तापड़िया सहित फिल्म जगत से जुड़े कई नामचीन कलाकार, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बहुत बड़ी संख्या में आम नागरिक और सिनेमाप्रेमी मौजूद थे।

माता कौशल्या की धरती पर कंगना का अभिनंदन
मंच से जनता और फिल्म की टीम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए बेहद सौभाग्य और गौरव का विषय है कि सुश्री कंगना रनौत की इस महत्वपूर्ण फिल्म की पहली स्क्रीनिंग हमारे प्रदेश में आयोजित हो रही है। उन्होंने कंगना रनौत का स्वागत करते हुए कहा, “माता कौशल्या की पावन जन्मभूमि और भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से सुश्री कंगना रनौत का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है।”

देश के अनसुने और असल नायकों को समर्पित है फिल्म
मुख्यमंत्री श्री साय ने फिल्म से जुड़े सभी कलाकारों, तकनीकी विशेषज्ञों और पूरी निर्माण टीम को अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने फिल्म के विषय की तारीफ करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक फिल्म नहीं है, बल्कि एक ऐसी जीवंत कहानी है जो हमारे समाज के उन अनसुने और अनदेखे नायकों को सच्चा सम्मान देती है, जिनके असाधारण योगदान को अक्सर इतिहास के पन्नों में पर्याप्त पहचान नहीं मिल पाती।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि आज की इस स्क्रीनिंग में सुश्री कंगना रनौत और उनकी टीम के साथ स्वास्थ्य विभाग की हमारी नर्स बहनें भी उपस्थित हैं। इन बहनों की गरिमामयी उपस्थिति ने इस फिल्म की मूल भावना और संदेश को और अधिक सार्थक व संवेदनशील बना दिया है।
छत्तीसगढ़ के बेटे ने मुंबई में लहराया परचम
इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता को गर्व का एक और बड़ा कारण बताया। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए अत्यंत हर्ष की बात है कि फिल्म के निर्देशक श्री मनोज तापड़िया छत्तीसगढ़ की माटी के ही पुत्र हैं। उन्होंने इसी छत्तीसगढ़ की धरती पर जन्म लिया, यहीं पले-बढ़े और इसके बाद लंबे समय तक मुंबई (बॉलीवुड) में रहकर कला की साधना की। उन्होंने इस बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय को चुना और इसकी अद्भुत कहानी लिखी, जो उनकी प्रतिभा और माटी के प्रति जुड़ाव को दर्शाती है।
26/11 के उस दर्दनाक मंजर और डॉक्टरों-नर्सों के हौसले की गाथा
फिल्म की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 26 नवंबर 2008 को मुंबई में जो भयानक आतंकी हमला हुआ था, उसे देश कभी नहीं भूल सकता। पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा निर्दोष नागरिकों पर अंधाधुंध और कायरतापूर्ण गोलीबारी की गई थी, जिसमें कई मासूम लोगों की जान चली गई थी।
सीएम ने भावुक होते हुए कहा कि उस बेहद कठिन और डरावने समय में मुंबई के अस्पतालों में कार्यरत महिला नर्सों, डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने जो किया, वह किसी चमत्कार से कम नहीं था। उन्होंने अपने प्राणों की रत्ती भर भी परवाह नहीं की और गोलियों की बौछार के बीच रहकर भी सैकड़ों घायलों की सेवा की और उनकी जानें बचाईं। यह फिल्म उन्हीं जांबाज डॉक्टरों और नर्सों के हौसले और देशप्रेम की सच्ची गाथा है।
