सड़क से सम्मान तक: रायपुर में 1.12 लाख रेहड़ी-पटरी वालों का सहारा बनी पीएम स्वनिधि

रायपुर 12 जूनरायपुर में पीएम स्वनिधि योजना का कमाल: 1.12 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को मिला 256 करोड़ से ज्यादा का कर्ज, बदली जिंदगी

कभी सड़क किनारे ठेला लगाकर सब्जियां बेचने वाले, चाय-नाश्ते की छोटी दुकान चलाने वाले या फुटपाथ पर सामान बेचने वाले छोटे दुकानदारों के लिए पूंजी की कमी सबसे बड़ी समस्या थी। बैंकों से लोन न मिलने के कारण उनका काम आगे नहीं बढ़ पाता था। लेकिन केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि’ (पीएम स्वनिधि) योजना ने छत्तीसगढ़ में इन छोटे व्यापारियों की जिंदगी पूरी तरह बदल दी है।

छत्तीसगढ़ में इस योजना के तहत अब तक 1 लाख 12 हजार 36 से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को 256 करोड़ 94 लाख रुपये से अधिक का लोन दिया जा चुका है। इस मदद से छोटे व्यापारियों को नया जीवन मिला है और वे सम्मान के साथ अपनी आजीविका चला रहे हैं।

📌 संकट के समय बनी मददगार

कोरोना महामारी के समय छोटे दुकानदारों का काम पूरी तरह बंद हो गया था। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने 1 जून 2020 को पीएम स्वनिधि योजना शुरू की थी। इसका मुख्य उद्देश्य शहरी इलाकों के गरीब दुकानदारों को बिना किसी गारंटी के लोन देना था, ताकि वे अपना काम फिर से शुरू कर सकें।

📌 बिना गारंटी तीन चरणों में मिलता है लोन

इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि लोन के लिए किसी गारंटी की जरूरत नहीं होती। योजना में तीन चरणों में पैसा मिलता है:

  • पहला चरण: शुरुआत में 10,000 रुपये तक का लोन मिलता है।
  • दूसरा चरण: पहला लोन समय पर चुकाने पर 20,000 रुपये तक का लोन मिलता है।
  • तीसरा चरण: दूसरा लोन चुकाने के बाद अधिकतम 50,000 रुपये तक का लोन लिया जा सकता है।

समय पर पैसा लौटाने वाले दुकानदार लगातार बड़े लोन के हकदार बनते जाते हैं। इससे राज्य के लाखों रेहड़ी-पटरी वालों का न केवल कारोबार बढ़ा है, बल्कि वे आत्मनिर्भर भी बन रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *