रायपुर/राजनांदगांव, 12 जून 2026।राजनांदगांव देश में नंबर-वन: प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में रचा इतिहास, बना सबसे ज्यादा सोलर क्षमता वाला जिला
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले ने साफ-सुथरी और हरी ऊर्जा (क्लीन एनर्जी) के मामले में पूरे देश में अपना परचम लहराया है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को बेहतर तरीके से लागू करके राजनांदगांव पूरे भारत में सबसे ज्यादा सोलर क्षमता वाले कनेक्शन लगाने वाला जिला बन गया है। अब इस जिले की पहचान देश के सबसे बड़े ‘सोलर हब’ के रूप में होने लगी है। बड़ी बात यह है कि शहरों के साथ-साथ गांवों में भी लोग बिजली बिल से मुक्ति पाने के लिए अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवा रहे हैं।

ऐसे मिली बड़ी सफलता
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव की देखरेख में जिला प्रशासन और बिजली विभाग ने मिलकर काम किया। इसी तालमेल की वजह से जिले को यह बड़ी कामयाबी मिली है। योजना की प्रगति को दिखाने वाले आंकड़े इस प्रकार हैं:
- कुल आवेदन: जिले से अब तक 6,776 लोगों ने आवेदन किया है।
- वेंडर का चुनाव: इनमें से 6,381 लोगों ने सोलर पैनल लगाने वाली कंपनी (वेंडर) को चुन लिया है।
- लगे सोलर सिस्टम: रिकॉर्ड समय में 3,255 घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं।
- मिली सब्सिडी: सरकार की तरफ से 2,218 लोगों के खातों में सब्सिडी का पैसा भी भेजा जा चुका है।
395 मेगावाट से ज्यादा की क्षमता की विकसित
राजनांदगांव जिले में घरेलू उपयोग के साथ-साथ व्यापार और बड़े प्लांटों के जरिए भारी मात्रा में सौर ऊर्जा का उत्पादन शुरू हो चुका है:
- घरों से: 3,255 घरों की छतों से करीब 9 मेगावाट बिजली बन रही है।
- व्यापार से: 162 दुकानों और व्यावसायिक कनेक्शनों से 3.40 मेगावाट बिजली मिल रही है।
- पावर प्लांट: जिले के 31 बड़े पावर प्लांटों से कुल 383 मेगावाट बिजली पैदा की जा रही है।
देश का सबसे बड़ा सोलर कनेक्शन भी यहीं
इस पूरी कामयाबी में सबसे खास बात ढाबा नाम की जगह पर लगी है। वहां ‘मेसर्स सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड’ का एक बड़ा प्लांट है। इस अकेले प्लांट को 160 मेगावाट क्षमता का सोलर कनेक्शन दिया गया है। यह देश में अपनी तरह का सबसे बड़ा सोलर कनेक्शन माना जा रहा है, जो राजनांदगांव के नाम एक और बड़ा रिकॉर्ड दर्ज कराता है।
अच्छे काम पर सम्मान, दूसरों को प्रेरणा
जिला प्रशासन इस काम को और आगे बढ़ाना चाहता है। इसके लिए सोलर पैनल लगवाकर अच्छा काम करने वाले लोगों को सम्मानित किया जा रहा है। इससे दूसरे नागरिक भी प्रेरित हो रहे हैं। राजनांदगांव की यह सफलता आज पूरे देश के लिए एक मिसाल बन गई है कि कैसे एक जिला पर्यावरण को बचाने और मुफ्त बिजली देने में सबसे आगे निकल सकता है।
