रायपुर, 16 जून 2026।
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति: 24 जून को प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का महा-आयोजन
- आवास प्लस 2.0 की प्रतीक्षा सूची का होगा वाचन, दावे-आपत्तियों का किया जाएगा निपटारा
- रोजगार गारंटी के दिन 100 से बढ़कर हुए 125, ग्रामीणों को दी जाएगी नई योजनाओं की जानकारी

- छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में विकास की नई रूपरेखा तय करने और स्थानीय स्तर पर बड़े फैसले लेने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। शासन के निर्देशानुसार, आगामी 24 जून 2026 को पूरे प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इन बैठकों के माध्यम से ग्रामीणों को उनके अधिकार सौंपते हुए ग्रामीण विकास, पंचायतों की वित्तीय स्थिति, आवास, रोजगार और सामाजिक मुद्दों जैसे जनहित के जरूरी विषयों पर खुली चर्चा और फैसले लेने का अधिकार दिया गया है।
आवास प्लस 2.0 की सूची पर लगेगी मुहर
इस बार की ग्राम सभाओं में सबसे महत्वपूर्ण काम ‘आवास प्लस 2.0’ योजना को लेकर होगा। बैठक में सर्वे से मिली कंप्यूटर जनरेटेड स्थायी प्रतीक्षा सूची (PWL) को सभी ग्रामीणों के सामने पढ़कर सुनाया जाएगा। शासन के नियमों के तहत पात्र परिवारों की एक अंतिम प्राथमिकता सूची तैयार होगी। इस दौरान अगर किसी ग्रामीण को कोई आपत्ति है, तो उसके दावे और आपत्तियों को लेकर मौके पर ही नियमों के तहत निपटाया जाएगा। ग्राम सभा से हरी झंडी मिलने के बाद इस सूची को ‘आवास सॉफ्टवेयर’ पर अपलोड कर दिया जाएगा, जिससे गरीब परिवारों के पक्के मकान का रास्ता साफ होगा।

रोजगार अब 100 की जगह 125 दिन
ग्राम सभाओं में ग्रामीणों की आजीविका को मजबूत करने पर भी विशेष जोर रहेगा। बैठक में ‘विकसित भारत, रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण’ (VB Gram Jee) के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। सरकार द्वारा इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को मिलने वाले रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर अब 125 दिन कर दिया गया है। इसके अलावा बेरोजगारी भत्ते के नए और बेहतर नियमों, समय पर मजदूरी के भुगतान और गांवों की जरूरतों के हिसाब से बनने वाली विकास योजनाओं की जानकारी भी ग्रामीणों को दी जाएगी।
पंचायतों के पाई-पाई का होगा हिसाब
ग्रामीणों के सामने पंचायतों के कामकाज को पारदर्शी बनाने के लिए पुरानी बैठकों में लिए गए फैसलों की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही पंचायत के आय और व्यय (कमाई और खर्च) का पूरा लेखा-जोखा ग्रामीणों के सामने मंजूरी के लिए रखा जाएगा। गांव में चल रहे अलग-अलग सरकारी कामों की प्रगति की समीक्षा होगी और पंचायत की संपत्तियों की देखरेख पर भी बात की जाएगी। इस बैठक में पहली बार ‘पंचायत उन्नति सूचकांक 2.0’ (Panchayat Unnati Index) के नतीजों को भी ग्रामीणों के सामने रखा जाएगा, जिससे पता चलेगा कि उनका गांव विकास के पैमाने पर कहाँ खड़ा है।
जनभागीदारी बढ़ाने की अपील
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने प्रदेश के सभी गांवों के नागरिकों, युवाओं और महिलाओं से अपील की है कि वे 24 जून को होने वाली इस ग्राम सभा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। विभाग का कहना है कि जब तक ग्रामीण खुद आगे आकर अपने गांव के फैसलों में शामिल नहीं होंगे, तब तक जमीनी स्तर पर सच्चा विकास संभव नहीं है।
