रायपुर, 16 जून 2026। रायपुर में मुख्य सचिव की बड़ी बैठक: ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता से समझौता नहीं, PMGSY-4 के तहत हर गांव को पक्की सड़क से जोड़ने का फैसला
छत्तीसगढ़ के गांवों में सड़कों का जाल अब और मजबूत होगा। रायपुर के महानदी भवन (मंत्रालय) में आज एक बड़ी बैठक हुई। यह प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की 28वीं बैठक थी। इस बैठक की अध्यक्षता राज्य के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने की। बैठक में मुख्य सचिव ने सड़कों के निर्माण को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि सड़कों की क्वालिटी में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि वे काम करने का तरीका बदलें। अब कोई भी नई सड़क बनाने से पहले जमीन पर जाकर अच्छे से सर्वे किया जाएगा। सड़क का काम शुरू होने से पहले ही जमीन की जरूरत और वन विभाग की मंजूरी (फॉरेस्ट क्लीयरेंस) जैसे सारे कानूनी काम पूरे करने होंगे। इसके अलावा जल जीवन मिशन की पाइपलाइन बिछाने से जो सड़कें टूट गई हैं, उन्हें सबसे पहले ठीक किया जाएगा।
🛠️ PMGSY-4 के लिए बनेगा बड़ा प्लान
बैठक में सबसे बड़ा फैसला योजना के चौथे चरण (फेस-4) को लेकर हुआ। मुख्य सचिव ने अफसरों को आदेश दिया है कि राज्य के ऐसे सभी गांवों और टोलों की लिस्ट बनाएं जहां अब तक पक्की सड़क नहीं बनी है। एक बड़ा प्लान बनाकर इन सभी जगहों को मुख्य सड़कों से जोड़ा जाएगा।
📊 अब तक क्या-क्या काम हुआ?
पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अफसरों ने बैठक में बताया कि राज्य में सड़कों का काम तेजी से चल रहा है:
- सड़क और पुल: योजना के पहले, दूसरे और तीसरे चरण में अब तक 8 हजार 358 सड़कें और करीब 447 छोटे-बड़े पुल बनाए जा चुके हैं।
- बस्तर में विकास: साल 2025-26 में बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों की मदद से 52 अधूरी सड़कों का काम पूरा किया गया। इसके साथ ही तीसरे चरण में 31 बड़े पुल भी बनाए गए।
- लक्ष्य से आगे: भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ को 1,372 किलोमीटर सड़क बनाने का लक्ष्य दिया था। इसके मुकाबले राज्य में 1,517 किलोमीटर सड़कें बनाई जा चुकी हैं।
- आदिवासी क्षेत्रों पर ध्यान: विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) की बस्तियों के लिए 807 सड़कें मंजूर हुई थीं। इनमें से 366 सड़कों का काम पूरा हो चुका है और 429 सड़कों पर काम तेजी से चल रहा है।
