रायपुर, 17 जून 2026। छत्तीसगढ़ को पूरी तरह टीबी मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की एक बड़ी बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया है कि राज्य के हर गांव और शहर में विशेष जांच शिविर लगाए जाएं। टीबी के मरीजों को तुरंत ढूंढकर उनका इलाज शुरू किया जाए।

मुख्य सचिव ने बैठक में तीन बड़े अभियानों की समीक्षा की:
1. टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान
- घर-घर होगी जांच: हर गांव और शहर में विशेष अभियान चलेगा।
- मशीनों की कमी होगी दूर: सभी अस्पतालों में एक्स-रे मशीन और रेडियोग्राफरों की कमी को तुरंत पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
- पोषण के लिए मिलेंगे पैसे: टीबी मरीजों को अच्छे खाने (पोषण आहार) के लिए तय सरकारी राशि तुरंत उनके खाते में भेजी जाएगी।
- ग्राम सभा में मिलेगी तारीफ: जो गांव या पंचायत पूरी तरह टीबी मुक्त हो जाएगी, उसकी घोषणा ग्राम सभा में सबके सामने की जाएगी।

2. प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान
- गर्भवती महिलाओं की देखभाल: स्वास्थ्य कार्यकर्ता हर गर्भवती महिला के घर जाकर जांच करेंगे।
- जरूरी टेस्ट: महिलाओं का ब्लड प्रेशर (BP), वजन और हीमोग्लोबिन (खून की मात्रा) नियमित रूप से नापा जाएगा।
- गंभीर मामलों में तुरंत मदद: अगर किसी गर्भवती महिला की तबीयत खराब लगती है, तो उसे तुरंत बड़े अस्पताल (FRU) भेजा जाएगा।
3. बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम
- स्कूल और आंगनबाड़ी में जांच: राज्य के हर स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के स्वास्थ्य की जांच अनिवार्य रूप से होगी।
- बीमार बच्चों का मुफ्त इलाज: बीमार पाए जाने वाले बच्चों को बड़े अस्पतालों में भेजा जाएगा।
- स्वास्थ्य की निगरानी: अस्पताल में भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जाएगी और सभी शिशुओं को समय पर जरूरी टीके लगाए जाएंगे।
बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के आला अधिकारियों ने मुख्य सचिव को राज्य में चल रहे सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत जानकारी दी।
