रायपुर 18 जून । जैन संत श्री विनयकुशल जी महाराज के आचार्य पदारोहण समारोह में उमड़ा जनसैलाब, देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु
छत्तीसगढ़ की राजधानी में जैन समाज का एक ऐतिहासिक और भव्य धार्मिक उत्सव संपन्न हुआ। जैन धर्म के पूज्य संत श्री विनयकुशल जी महाराज का आचार्य पदारोहण समारोह बेहद हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मांगलिक उत्सव में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपनी गहरी श्रद्धा अर्पित की। उन्होंने इस आयोजन को पूरे राज्य के लिए एक बड़ा गौरव और सौभाग्य बताया।
संतों की चरण धूलि से राज्य हुआ पावन
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह हमारे प्रदेश के लिए अत्यंत हर्ष और सौभाग्य का पल है। इस पावल विदाई और पदारोहण उत्सव में शामिल होने के लिए सिर्फ भारत के कोने-कोने से ही नहीं, बल्कि नेपाल से भी जैन धर्म के तपस्वी और पूज्य संत गण पधारे हैं। मुख्यमंत्री ने भावुक होकर कहा, “संतों के आगमन और उनके कमलरज (चरणों की धूल) के यहां पड़ने से हमारा छत्तीसगढ़ धन्य हो गया है।” उन्होंने कहा कि संतों के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ में सुख, शांति और समृद्धि का विस्तार होगा।
पूरे देश और नेपाल से जुटे श्रद्धालु
इस विशाल समारोह में हिस्सा लेने के लिए देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ नेपाल से भी भारी संख्या में जैन समाज के लोग और संत पहुंचे। पूरा आयोजन स्थल भक्ति के रंग में डूबा नजर आया। समारोह के दौरान आचार्य श्री विनयकुशल जी महाराज के पदारोहण की धार्मिक विधियां पूरी की गईं। संतों ने अपने प्रवचनों में सत्य, अहिंसा और जीव दया का संदेश दिया।
समाज में बहेगी शांति की बयार
मुख्यमंत्री ने इस आयोजन की सफलता पर जैन समाज को बधाई दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ हमेशा से संतों और संन्यासियों की आदर-भूमि रहा है। ऐसे महान धार्मिक आयोजनों से समाज में आपसी भाईचारा, प्रेम और शांति की भावना मजबूत होती है। समारोह के अंत में आए हुए सभी अतिथियों और संतों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
