नई दिल्ली/रायपुर 18 जून ।
दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ ट्राइबल यूथ हॉस्टल के छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन किया है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 में इस हॉस्टल के 13 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है। इस बड़ी कामयाबी पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा हर्ष और गर्व व्यक्त किया है। उन्होंने सभी सफल युवाओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
🌟 सीमित संसाधनों में बड़ी कामयाबी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह सफलता छत्तीसगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक पल है। पास होने वाले सभी छात्र ग्रामीण, आदिवासी और बेहद साधारण परिवारों से आते हैं। इन युवाओं ने साबित कर दिया है कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और सही दिशा मिले तो कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं है। राज्य के सुदूर अंचलों से निकले इन प्रतिभावान साथियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक नई पहचान बनाई है।
📈 सीटों की संख्या बढ़ाने का दिखा असर
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के प्रयासों को रेखांकित करते हुए बताया कि सुशासन सरकार ने युवाओं के हित में एक बड़ा फैसला लिया था। दिल्ली के इस ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता को पहले की 50 सीटों से बढ़ाकर 200 सीट कर दिया गया था। सरकार के इस सकारात्मक निर्णय का परिणाम अब सबके सामने है। सीटों की संख्या बढ़ने से राज्य के ज्यादा से ज्यादा गरीब और जरूरतमंद बच्चों को दिल्ली में रहकर तैयारी करने का मौका मिला, जिससे सफलता का यह आंकड़ा सामने आया है। [1]
🤝 मुख्य बिंदु और भविष्य की शुभकामनाएं
- 13 अभ्यर्थियों को मिली सफलता: ट्राइबल यूथ हॉस्टल के 13 छात्रों ने देश की सबसे कठिन परीक्षा के पहले चरण को पार किया।
- सीटों में वृद्धि: राज्य सरकार ने हॉस्टल की क्षमता को 50 से बढ़ाकर 200 किया था।
- राष्ट्र निर्माण की उम्मीद: मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया है कि ये युवा आगे चलकर अपनी कर्तव्यनिष्ठा से देश और राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
मुख्यमंत्री साय ने सभी सफल छात्रों को मुख्य परीक्षा (Mains) और आगे के चरणों के लिए अनंत शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि इन युवाओं की लगन और प्रतिभा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
