रायपुर/सुकमा 20 जून । सुकमा जिले में आए भीषण आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की प्राकृतिक आपदा के बाद जिला प्रशासन ने राहत कार्यों की रफ्तार बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप और प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर कलेक्टर श्री अमित कुमार ने पूरे जिले में बुनियादी सुविधाओं को तुरंत ठीक करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

शासन की त्वरित और पारदर्शी प्रणाली के तहत राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के तहत 474 प्रभावितों को ₹69 लाख 32 हजार 700 की राहत राशि सीधे बैंक खातों में भेज दी गई है। सबसे ज्यादा प्रभावित तोंगपाल क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए करीब 36 लाख रुपये की तात्कालिक मदद दी गई है।
घायलों और जनहानि से प्रभावित परिवारों को त्वरित मदद
इस भीषण आपदा में जनहानि और मवेशियों (पशुधन) के नुकसान का शिकार हुए परिवारों के प्रति प्रशासन ने गहरी संवेदना जताई है। आरबीसी 6-4 के कड़े नियमों के तहत प्रभावित परिवारों को अनुग्रह राशि देने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसके साथ ही, गंभीर रूप से घायल हुए नागरिकों के मुफ्त इलाज और तत्काल सहायता के लिए भी टीमें लगातार अस्पताल और प्रभावित गांवों का दौरा कर रही हैं।

बिजली-पानी की सप्लाई बहाल करने में जुटी टीमें
आंधी-तूफान के कारण जिले में 1,407 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और करीब 2.5 करोड़ रुपये की सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। तेज हवाओं से कई जगहों पर बिजली के खंभे और पेड़ गिर गए, जिससे बिजली की लाइनें टूट गईं। कलेक्टर के निर्देश पर बिजली विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) की टीमें युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं। बाधित इलाकों में बिजली के खंभों को दुरुस्त कर बिजली सप्लाई और पीने के साफ पानी की व्यवस्था को फिर से चालू किया जा रहा है ताकि ग्रामीणों को कोई परेशानी न हो।
फसलों के नुकसान का सर्वे शुरू
तूफान और भारी बारिश की वजह से ग्रामीण अंचलों में खेती-किसानी और फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने राजस्व विभाग के अधिकारियों और पटवारियों को मैदान में उतार दिया है। सभी प्रभावित खेतों का सर्वे करके फसलों के नुकसान का सटीक आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि सर्वे की रिपोर्ट आते ही आरबीसी 6-4 के नियमों के अनुसार उन्हें भी उचित मुआवजा जल्द से जल्द दिया जाएगा।
कलेक्टर श्री अमित कुमार ने स्पष्ट किया है कि आपदा की इस घड़ी में शासन-प्रशासन हर कदम पर प्रभावित नागरिकों के साथ खड़ा है और पुनर्निर्माण का काम पूरी संवेदनशीलता से किया जा रहा है।
