छत्तीसगढ़ में अवैध रेत खनन पर ‘आसमानी नजर’; दुर्गम इलाकों में हाईटेक ड्रोन सर्वे से शुरू हुई चौबीसों घंटे निगरानी

रायपुर, 23 जून। छत्तीसगढ़ में अवैध रेत खनन और भंडारण माफियाओं के खिलाफ राज्य सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी तकनीकी कार्रवाई शुरू कर दी है। संचालक रजत बंसल (IAS) के कड़े निर्देश पर केंद्रीय खनि उड़नदस्ता और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले में आधी रात को बड़ा छापा मारा। इस कार्रवाई में पहली बार हाईटेक ड्रोन कैमरों का उपयोग कर रेत के अवैध खेल का भंडाफोड़ किया गया है।

केल्हारी तहसील में आधी रात को हड़कंप

विभागीय सूत्रों के मुताबिक, केल्हारी तहसील के अंतर्गत आने वाली केवाई नदी, पसौरी, कुटरा और हसदेव नदी के तटीय इलाकों से लगातार अवैध उत्खनन की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त जांच टीम ने 21 जून की रात को बेहद गोपनीय तरीके से औचक निरीक्षण किया। टीम को देखकर मौके पर हड़कंप मच गया।

ड्रोन सर्वे से मापी गई रेत, मिले गंभीर उल्लंघन

निरीक्षण के दौरान क्षेत्र में स्वीकृत 02 अस्थाई भंडारण अनुज्ञप्ति (Sands Storage Sites) स्थलों की सघन जांच की गई। रात के अंधेरे में रेत के स्टॉक का सटीक आकलन करने के लिए आधुनिक ड्रोन तकनीक की मदद ली गई। ड्रोन सर्वे के माध्यम से मौके पर मौजूद रेत की मात्रा का सटीक मापन (Measurement) किया गया। जांच में स्वीकृत नियमों और शर्तों का भारी उल्लंघन पाया गया।

3 दिन के भीतर मांगा जवाब, होगी सख्त कार्रवाई

नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले रेत भंडारणकर्ताओं के खिलाफ विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। मौके पर ही उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों को ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) जारी कर दिया गया है। उन्हें 3 दिनों के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने का कड़ा निर्देश दिया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके लाइसेंस रद्द करने और भारी जुर्माना लगाने की तैयारी है।

पहुंचविहीन इलाकों पर अब ‘आसमानी नजर’

संचालक रजत बंसल के निर्देशानुसार अब राज्य के उन पहुंचविहीन और नदी तटीय क्षेत्रों का चिन्हांकन (Mapping) कर लिया गया है, जहां अमला आसानी से नहीं पहुंच पाता। इन सभी दुर्गम और संवेदनशील इलाकों की निगरानी अब हाईटेक ड्रोन सर्वे के माध्यम से चौबीसों घंटे की जा रही है। इस नई रणनीति से अवैध उत्खनन और परिवहन पर पूरी तरह से प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।

इस पूरी संयुक्त कार्रवाई में केंद्रीय उड़नदस्ता की विशेष टीम के साथ जिला स्तरीय खनि विभाग और राजस्व विभाग का अमला मुख्य रूप से मुस्तैद रहा। विभाग की इस कार्रवाई से प्रदेशभर के रेत माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।

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