रायपुर, 23 जून (विशेष संवाददाता):
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास को नई गति देने और लोक-कल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में कल, 24 जून 2026 को विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। राज्य शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों और मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEO) को ग्राम सभाओं का सफल संपादन करने और ग्रामीणों की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

आवास प्लस 2.0 सूची पर रहेगा मुख्य फोकस
इस बार की ग्राम सभाओं का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा ‘आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण’ से जुड़ी व्यवस्था है। सभा में सर्वेक्षण के बाद सिस्टम द्वारा तैयार की गई ‘स्थायी प्रतीक्षा सूची’ (Permanent Waitlist) को ग्रामीणों के सामने सार्वजनिक रूप से पढ़ा जाएगा। शासन द्वारा तय की गई मार्गदर्शिका और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत पात्र हितग्राहियों की अंतिम प्राथमिकता सूची तैयार की जाएगी।
इस प्रक्रिया के दौरान यदि किसी ग्रामीण को सूची के नामों पर कोई आपत्ति है या कोई दावा पेश करना है, तो उसे नियमानुसार दर्ज किया जाएगा। प्राप्त दावों और आपत्तियों का मौके पर ही पारदर्शी तरीके से निराकरण करने की व्यवस्था की गई है। ग्राम सभा से अंतिम अनुमोदन मिलने के तुरंत बाद इस सूची को केंद्र सरकार के ‘आवास सॉफ्टवेयर’ पर अपलोड कर दिया जाएगा, जिससे गरीबों के पक्के मकान का रास्ता साफ होगा।
आय-व्यय की समीक्षा और विकास कार्यों की पड़ताल
ग्राम सभाओं में केवल आवास योजनाओं पर ही नहीं, बल्कि पंचायतों के संपूर्ण कामकाज पर भी चर्चा होगी। बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं को शामिल किया गया है:
- पिछली बैठकों का प्रतिवेदन: पूर्व में लिए गए निर्णयों पर कितनी कार्रवाई हुई, इसकी समीक्षा होगी।
- वित्तीय पारदर्शिता: पंचायतों के बीते वित्तीय वर्ष और वर्तमान आय-व्यय (Budget) का लेखा-जोखा ग्रामीणों के सामने रखा जाएगा।
- प्रगति रिपोर्ट: विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत स्वीकृत किए गए निर्माण और विकास कार्यों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
‘विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन’ की मिलेगी जानकारी
ग्रामीणों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से इस ग्राम सभा में ‘विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी वीबी जी राम जी के बारे में विशेष रूप से जागरूक किया जाएगा। अधिकारी और विशेषज्ञ ग्रामीणों को बताएंगे कि वे किस तरह इस मिशन से जुड़कर स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण और महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से अपनी आजीविका को मजबूत कर सकते हैं।
विभाग की अपील: ‘जनभागीदारी से ही सशक्त बनेगा गांव’
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने प्रदेश के सभी ग्रामीण नागरिकों, पंच-सरपंचों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। विभाग का मानना है कि जितनी अधिक जनभागीदारी होगी, योजनाओं का क्रियान्वयन उतना ही निष्पक्ष और त्रुटिहीन होगा। कल होने वाली इन बैठकों के लिए सभी ग्राम पंचायतों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को आमंत्रित किया जा चुका है।
