सुकमा में नई सुबह: ‘मिशन दृष्टि’ से जगरगुंडा के 42 ग्रामीणों की जिंदगी में लौटा उजाला

रायपुर/सुकमा, 23 जून 2026।
कभी विकास की मुख्यधारा से कटे और धुर नक्सल प्रभावित रहे सुकमा जिले के सुदूर अंचलों में सुशासन और संवेदनशीलता की एक नई सुबह हुई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और सुकमा कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ी मानवीय पहल की है। प्रशासन ने दुर्गम जगरगुंडा तहसील के दूरस्थ अंदरूनी गाँवों के 42 मोतियाबिंद मरीजों का सफल और पूरी तरह निःशुल्क ऑपरेशन कर उनके जीवन से अंधेरे को हमेशा के लिए मिटा दिया है।

स्वास्थ्य अमले ने घर-घर जाकर किया सर्वे

भौगोलिक रूप से बेहद कठिन और संवेदनशील माने जाने वाले जगरगुंडा इलाके में इस मिशन को अंजाम देना आसान नहीं था। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने खुद कड़े और जोखिम भरे रास्तों को पार किया। टीम ने अंदरूनी गाँवों में घर-घर जाकर सर्वे किया, मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों की पहचान की। इसके बाद सभी मरीजों को पूरे सम्मान के साथ विशेष वाहनों के जरिए जिला चिकित्सालय पहुँचाया गया।

‘मिशन दृष्टि’ के तहत हुआ सफल ऑपरेशन

जिला अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ. एम.आर. कश्यप और नेत्र सर्जन डॉ. खुशबू देवांगन की देखरेख में मिशन ‘दृष्टि योजना’ के तहत इन सभी मरीजों की जीवन बदलने वाली सर्जरी पूरी हुई। डॉक्टरों की टीम ने मुस्तैदी से सभी 42 ग्रामीणों की आँखों का सफल ऑपरेशन किया।

माड़वी मुये की आँखों में लौटी रोशनी, मुख्यमंत्री का जताया आभार

इस मुहिम की सबसे भावुक कर देने वाली तस्वीर दूरस्थ पहुँचविहीन गाँव गेड़ापार के निवासी माड़वी मुये के रूप में सामने आई। पिछले तीन महीनों से आँखों की धुंधली होती रोशनी के कारण लाचारी का जीवन जी रहे माड़वी के दोनों आँखों का सफल ऑपरेशन हुआ। जैसे ही उनकी आँखों से पट्टी खुली, उनकी दुनिया एक बार फिर से रोशन हो उठी। अपनी आँखों में नई चमक और चेहरे पर मुस्कान लिए माड़वी मुये ने भावुक होकर कहा, “मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन की वजह से मुझे नया जीवन मिला है, मैं सदा उनका आभारी रहूँगा।”

सम्मान के साथ ग्रामीणों की घर वापसी

अस्पताल से छुट्टी के वक्त मरीजों का उत्साह बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा उन्हें फल और दवाइयां बांटी गईं। रविवार को सभी ग्रामीणों को पूरे सम्मान के साथ सकुशल उनके गृह ग्रामों तक वापस छोड़ा गया। इस संवेदनशील पहल से अंदरूनी क्षेत्र के ग्रामीणों में शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *