जगदलपुर/रायपुर, 24 जून 2026।बस्तर के स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक क्रांति: ₹7 करोड़ से चमकेगा जगदलपुर का महारानी अस्पताल, मिलेगी सुपर-स्पेशलिटी इलाज की सौगात
बस्तर संभाग के लाखों आदिवासियों और स्थानीय निवासियों के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कड़े निर्देशों के बाद, जगदलपुर के ऐतिहासिक महारानी अस्पताल को संभाग का सबसे आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त चिकित्सा केंद्र बनाने का खाका तैयार हो चुका है। अब बस्तर के गरीब मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए विशाखापट्टनम या रायपुर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जिला प्रशासन ने अस्पताल के कायाकल्प और व्यापक उन्नयन के लिए 7 करोड़ 1 लाख रुपये से अधिक का मास्टर प्लान स्वीकृत किया है।

हाल ही में जगदलपुर कलेक्टर श्री आकाश छिकारा की अध्यक्षता में आयोजित ‘जीवन दीप समिति’ की हाई-लेवल बैठक में अस्पताल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज मुहैया कराने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए।

बहु-चरणीय कायाकल्प: ओपीडी से लेकर आईसीयू तक सब होगा हाईटेक
महारानी अस्पताल के इस कायाकल्प को दो से अधिक बड़े चरणों में पूरा किया जा रहा है। इसके तहत अस्पताल के हर उस विभाग को अपग्रेड किया जा रहा है जहाँ मरीजों का दबाव सबसे ज्यादा होता है:
- अत्याधुनिक मॉड्यूलर ओटी: प्रसूति (Gynaecology), स्त्री रोग और सामान्य सर्जरी विभाग के ऑपरेशन थिएटरों (OT) को पूरी तरह अत्याधुनिक और संक्रमण-मुक्त मॉड्यूलर सिस्टम में बदला जा रहा है।
- 24×7 निर्बाध सीटी स्कैन: अस्पताल में सीटी स्कैन जैसी जीवन रक्षक सेवाओं के लिए बिजली की समस्या को हमेशा के लिए दूर करते हुए विद्युत व्यवस्था को पूरी तरह सुधारा जा रहा है।
- हाई-टेक डायग्नोस्टिक मशीनें: मरीजों की सटीक जांच के लिए अस्पताल में कलर डॉपलर, मोबाइल डीआर सिस्टम, एंडोस्कोपी और लेप्रोस्कोपी जैसी नई और आधुनिक मशीनें खरीदी जा रही हैं।
- नेत्र और ईएनटी अपग्रेड: आंख, कान, नाक और गले की गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए भी विशेष आधुनिक उपकरण मंगाए जा रहे हैं।

बस्तर के नौनिहालों के लिए संजीवनी बनेगा नया इंफ्रास्ट्रक्चर
संभाग में नवजात शिशुओं और बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। बच्चों के इलाज के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण कार्यों को मंजूरी दी गई है:
- नया पीडियाट्रिक आईसीयू: गंभीर बच्चों के लिए 12 बिस्तरीय अत्याधुनिक पीडियाट्रिक आईसीयू (PICU) का निर्माण।
- नया शिशु रोग वार्ड: बच्चों के सामान्य और विशेष इलाज के लिए 30 बिस्तरीय सर्वसुविधायुक्त शिशु रोग वार्ड।
- SNCU और MNCU का सुदृढ़ीकरण: बीमार और कमजोर नवजात बच्चों की जान बचाने के लिए एसएनसीयू (SNCU) और एमएनसीयू (MNCU) वार्डों के लिए विश्वस्तरीय उपकरणों की खरीदी की जाएगी।

मुख्यमंत्री की मंशा: बस्तर को मिले विश्वस्तरीय और मुफ्त इलाज
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का स्पष्ट विजन है कि बस्तर के अंतिम व्यक्ति तक बेहतरीन और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचे। ₹7 करोड़ से अधिक की इस भारी-भरकम राशि से महारानी अस्पताल का चेहरा पूरी तरह बदल जाएगा। कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्माण और मशीनों की खरीदी का काम पूरी पारदर्शिता और समय-सीमा के भीतर किया जाए ताकि बस्तरवासियों को जल्द से जल्द इस सुपर-स्पेशलिटी स्तर की स्वास्थ्य क्रांति का लाभ मिल सके।
