विशेष संवाददाता,रायपुर / कांकेर 25 जून।
छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने आम जनता और किसानों से अपील की है कि वे ईंधन की कमी से जुड़ी किसी भी तरह की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। सरकार पल-पल की स्थिति पर नजर रख रही है और राज्य के सभी जिलों में ईंधन का पर्याप्त भंडारण मौजूद है।

कृषि कार्यों के कारण बढ़ी डीजल की मांग
राज्य में प्री-मानसून बारिश की दस्तक के साथ ही किसानों ने खरीफ फसल की तैयारियां तेज कर दी हैं। खेतों की जुताई और अन्य कृषि कार्यों के कारण अचानक डीजल की मांग में भारी उछाल दर्ज किया गया है। मांग बढ़ने की वजह से बीते २३ जून को कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप पर अस्थायी रूप से डीजल का स्टॉक समाप्त हो गया था।
प्रशासन ने स्थिति बिगड़ती देख तत्काल तत्परता दिखाई और किसानों की सुविधा के लिए नजदीकी पेट्रोल पंपों से डीजल की वैकल्पिक व्यवस्था कराई। खाद्य विभाग के मुताबिक, वर्तमान में कोयलीबेड़ा क्षेत्र के दोनों पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का भरपूर स्टॉक पहुंच चुका है और वितरण पूरी तरह सुचारु है।
तेल कंपनियों को प्राथमिकता पर अतिरिक्त सप्लाई के निर्देश
भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए जिला और राज्य स्तर पर तेल कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समन्वय स्थापित किया गया है। सरकार ने तेल कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि:
- कृषि प्रधान क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों की लगातार मॉनिटरिंग की जाए।
- जिन पंपों पर स्टॉक खत्म होने की आशंका हो, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर अतिरिक्त ईंधन भेजा जाए।
- ग्रामीण और सुदूर अंचलों में ईंधन की आपूर्ति चेन किसी भी कीमत पर न टूटे।
कांकेर जिले में ५१ पेट्रोल पंपों पर आपूर्ति सामान्य
अकेले कांकेर जिले की बात करें तो यहाँ कुल ५१ पेट्रोल पंप पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रहे हैं। इनमें:
- हिन्दुस्तान पेट्रोलियम (HP): २१ पंप
- भारत पेट्रोलियम (BP): १६ पंप
- इंडियन ऑयल (IOC): १४ पंप
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने साफ किया है कि अन्नदाताओं और आम नागरिकों को ईंधन के लिए परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। लोग अपनी आवश्यकता के अनुसार नजदीकी पेट्रोल पंपों से ईंधन प्राप्त कर सकते हैं।
