नवा रायपुर में साकार हो रहा सीएम साय का विजन: ₹235 करोड़ के निवेश से लगेगी पहली टेक्सटाइल यूनिट

रायपुर, 27 जून 2026। नवा रायपुर में साकार हो रहा सीएम साय का विजन: ₹235 करोड़ के निवेश से लगेगी पहली टेक्सटाइल यूनिट, 4600 से अधिक स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
छत्तीसगढ़ के औद्योगिक परिदृश्य में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विजनरी नेतृत्व में नवा रायपुर देश के अग्रणी टेक्सटाइल और गारमेंट निर्माण केंद्र (कपड़ा उद्योग हब) के रूप में उभर रहा है। स्थानीय युवाओं और महिलाओं को अपने ही घर में रोजगार देने की मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। इसी कड़ी में नवा रायपुर में विकसित हो रहे भव्य टेक्सटाइल पार्क में ₹235 करोड़ के भारी-भरकम निवेश के साथ पहली बड़ी यूनिट स्थापना के लिए तैयार है। इस अकेले प्रोजेक्ट से प्रदेश के 4,600 से अधिक लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा।

81 एकड़ में आकार ले रहा है विश्वस्तरीय औद्योगिक विलेज

राज्य सरकार नवा रायपुर के सेक्टर-40 में लगभग 81 एकड़ की विशाल भूमि पर इस अत्याधुनिक टेक्सटाइल पार्क को विकसित कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। पार्क के भीतर विश्वस्तरीय अधोसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर), चौड़ी सड़कें, निर्बाध बिजली-पानी की आपूर्ति और प्लग-एंड-प्ले (Plug and Play) जैसी आधुनिक सुविधाएं तेजी से तैयार की जा रही हैं।

स्थानीय महिलाओं और युवाओं को मिलेगी ‘आत्मनिर्भरता की नई उड़ान’

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस परियोजना को राज्य के लिए गेम-चेंजर बताते हुए कहा, “नवा रायपुर का यह टेक्सटाइल पार्क छत्तीसगढ़ के युवाओं और विशेषकर ग्रामीण व शहरी महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का सबसे मजबूत आधार बनेगा। हमारा लक्ष्य केवल उद्योगों को लाना नहीं, बल्कि अपने स्थानीय कार्यबल को उनके घर के पास ही सम्मानजनक और स्थायी आजीविका प्रदान करना है।”

गारमेंट सेक्टर की खास बात यह है कि इसमें सबसे ज्यादा रोजगार महिला कार्यबल को मिलता है। इस पार्क के शुरू होने से छत्तीसगढ़ की हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का सीधा अवसर मिलेगा, जिससे उनके जीवन स्तर में बड़ा बदलाव आएगा।

निवेशकों के लिए ‘सिंगल विंडो’ और ‘रेड कारपेट’ नीति

मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद सीएसआईडीसी (CSIDC) और उद्योग विभाग निवेशकों के लिए ‘रेड कारपेट’ बिछाकर काम कर रहे हैं। नियमों को बेहद सरल बनाया गया है ताकि उद्योगों को जमीन आवंटन से लेकर काम शुरू करने तक किसी भी सरकारी दफ्तर के चक्कर न काटने पड़ें। पहली यूनिट के रूप में ₹235 करोड़ का निवेश इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि देश के बड़े कपड़ा उद्योगपतियों का भरोसा छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीतियों और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की साफ-सुथरी कार्यशैली पर तेजी से बढ़ा है।

क्यों खास है नवा रायपुर का यह टेक्सटाइल पार्क?

  • भौगोलिक कनेक्टिविटी: नवा रायपुर एयरपोर्ट, नेशनल हाईवे और रेलवे नेटवर्क से सीधे जुड़ा है, जिससे तैयार माल को देश-विदेश भेजने में आसानी होगी।
  • सस्ता और कुशल कार्यबल: छत्तीसगढ़ में मेहनती और हुनरमंद युवाओं की बड़ी आबादी है, जिन्हें गारमेंटिंग के क्षेत्र में आसानी से ट्रेन किया जा सकता है।
  • बिजली की प्रचुरता: छत्तीसगढ़ एक ऊर्जा सरप्लस राज्य है, जिससे उद्योगों को बिना किसी बाधा के 24 घंटे बिजली मिलेगी।

नवा रायपुर का यह बढ़ता कदम न केवल छत्तीसगढ़ को कपड़ा उद्योग के राष्ट्रीय मानचित्र पर स्थापित करेगा, बल्कि आने वाले समय में राज्य के राजस्व और अर्थव्यवस्था को भी एक नई व मजबूत दिशा देगा।

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