गढ़बो नवा छत्तीसगढ़: ₹4,000 करोड़ से संवरेगा ग्रामीण छत्तीसगढ़, रोजगार का खुला बड़ा रास्ता!

रायपुर 1 जुलाई : विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन: ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आज से देशव्यापी शुरुआत, छत्तीसगढ़ को मिले ₹4,000 करोड़

  • योजना का नाम: विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)
  • लागू होने की तिथि: 1 जुलाई 2026
  • रोजगार गारंटी: हर ग्रामीण परिवार को साल में 125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार
  • विशेष बजट: छत्तीसगढ़ राज्य के लिए वर्ष 2026-27 में 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान
  • मुख्य उद्देश्य: वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के विज़न को पूरा करना

देशभर में आज से ऐतिहासिक शुरुआत ग्रामीण भारत को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आज यानी 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में ‘विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ योजना लागू हो गई है। यह महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसके जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ गांवों का कायाकल्प किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान कल करेंगे औपचारिक शुभारंभ

इस महा-अभियान का औपचारिक शुभारंभ 2 जुलाई 2026 को आंध्र प्रदेश के तिरुपति से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। इस दौरान वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों से सीधा संवाद करेंगे।

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम में सजेगा राज्य स्तरीय मंच

छत्तीसगढ़ में इस योजना को लेकर भारी उत्साह है। राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड के ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ग्रामीणों के साथ डिजिटल माध्यम से जुड़कर सीधे संवाद करेंगे। प्रदेश के सभी जिलों और ग्राम पंचायतों में भी स्थानीय कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

योजना की 5 बड़ी और धमाकेदार बातें

  1. 125 दिनों के रोजगार की गारंटी: ग्रामीण परिवारों को उनकी मांग पर साल में न्यूनतम 125 दिनों का काम मिलेगा।
  2. 15 दिनों में मजदूरी भुगतान: काम पूरा होने के 15 दिनों के भीतर सीधे बैंक खाते में पैसों का ट्रांसफर होगा।
  3. काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता: यदि आवेदन के बाद तय समय में काम नहीं मिला, तो सरकार बेरोजगारी भत्ता देगी।
  4. डिजिटल जॉब कार्ड: पारदर्शिता के लिए तकनीक आधारित कार्य प्रबंधन और डिजिटल जॉब कार्ड की व्यवस्था लागू की गई है।
  5. 318 प्रकार के कार्य शामिल: गांवों के विकास के लिए जल संरक्षण, कृषि कार्य, और ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़े 318 स्थायी कार्यों को मंजूरी दी गई है।

ग्राम सभाएं होंगी और अधिक शक्तिशाली

इस नई व्यवस्था में समयबद्ध और पारदर्शी भुगतान प्रणाली को अपनाया गया है। इसके साथ ही विकास कार्यों की निगरानी और चयन के लिए ग्राम सभाओं की भूमिका को पहले से कहीं अधिक सशक्त और प्रभावी बनाया गया है।

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