रायपुर/जगदलपुर, 3 जुलाई।
- 80 हेक्टेयर क्षेत्र में लहलहाएगी फसल, खरीफ और रबी दोनों सीजनों में मिलेगा पानी।
- बकावण्ड ब्लॉक के ग्रामीणों को निस्तारी और पेयजल संकट से मिलेगी मुक्ति।
- जल संसाधन विभाग ने जारी की प्रशासकीय स्वीकृति, जगदलपुर मुख्य अभियंता को सौंपी जिम्मेदारी।

छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में किसानों की समृद्धि और जल संकट को दूर करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। शासन के जल संसाधन विभाग ने बस्तर जिले के विकासखण्ड बकावण्ड के अंतर्गत मारकण्डी नदी पर ग्राम पाथरी के समीप ‘पाथरी एनीकट’ के निर्माण कार्य को हरी झंडी दे दी है। इस महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना के लिए सरकार द्वारा 3 करोड़ 32 लाख 39 हजार रूपए की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है।
इस एनीकट के बन जाने से न सिर्फ क्षेत्र का वाटर लेवल (भू-जल स्तर) सुधरेगा, बल्कि ग्रामीणों को पेयजल और निस्तारी की समस्याओं से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।
अन्नदाताओं के चेहरे खिले, 80 हेक्टेयर में होगी सिंचाई
पाथरी एनीकट का सबसे बड़ा लाभ क्षेत्र के उन किसानों को मिलेगा जो सिंचाई के लिए मानसून या पारंपरिक साधनों पर निर्भर रहते हैं। योजना के पूर्ण होते ही किसान अपने निजी साधनों के जरिए खेतों तक पानी पहुंचा सकेंगे।
- खरीफ सीजन: 50 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों को मिलेगा जीवनदान।
- रबी सीजन: 30 हेक्टेयर क्षेत्र में किसान ले सकेंगे अतिरिक्त फसल।
