स्मार्ट मीटर से नहीं बढ़ता बिजली बिल, ‘मोर बिजली ऐप’ से खुद काबू करें अपनी जेब का खर्च!

खबरदार! बिजली विभाग ने दूर किया भ्रम: मीटर नहीं, मौसम और स्लैब बदलने से बढ़ा है बिल; जानिए कैसे 400 यूनिट से कम रखकर उठा सकते हैं ‘हाफ बिजली योजना’ का लाभ

रायपुर, 16 जुलाई 2026
प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर चल रहे भ्रम और आशंकाओं पर विद्युत विभाग ने पूरी तरह विराम लगा दिया है। विभाग ने साफ और कड़े शब्दों में स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर बिजली का बिल नहीं बढ़ाता, बल्कि यह केवल वास्तविक और सटीक खपत को दर्ज करता है। अगर हाल के महीनों में आपका बिजली बिल बढ़ा है, तो इसका जिम्मेदार स्मार्ट मीटर नहीं, बल्कि भीषण गर्मी में उपकरणों का अत्यधिक उपयोग और बिजली टैरिफ का अगला स्लैब है।

## क्यों बढ़ा आपका बिल? विभाग ने बताई असली वजह

विद्युत विभाग के अनुसार, अप्रैल, मई और जून के महीनों में पड़ी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के कारण घरों में एसी (AC), कूलर और रेफ्रिजरेटर का इस्तेमाल सामान्य से कई गुना बढ़ गया। नतीजा यह हुआ कि उपभोक्ताओं की बिजली खपत तेज़ी से बढ़ी और वे ऊंचे टैरिफ स्लैब में पहुंच गए।

बढ़ती खपत का गणित: स्लैब बदलते ही बदल जाता है बिल
प्रदेश में बिजली की दरें खपत के हिसाब से तय हैं। जैसे ही आपकी यूनिट बढ़ती है, प्रति यूनिट रेट भी बढ़ जाता है:

  • 0 से 100 यूनिट: ₹4.40 प्रति यूनिट
  • 101 से 200 यूनिट: ₹4.50 प्रति यूनिट
  • 201 से 400 यूनिट: ₹6.00 प्रति यूनिट
  • 401 से 600 यूनिट: ₹7.00 प्रति यूनिट
  • 601 यूनिट से अधिक: ₹8.80 प्रति यूनिट

## ‘मोर बिजली ऐप’: आपकी जेब का रिमोट कंट्रोल

पहले उपभोक्ताओं को महीने के आखिर में बिल मिलने पर पता चलता था कि कितनी बिजली खर्च हुई। लेकिन अब स्मार्ट मीटर और ‘मोर बिजली ऐप’ की जुगलबंदी ने खेल बदल दिया है।

  • रीयल-टाइम मॉनिटरिंग: उपभोक्ता हर आधे घंटे में देख सकते हैं कि कितनी बिजली खर्च हो रही है।
  • फिजूलखर्ची पर लगाम: आप तुरंत जान सकते हैं कि घर का कौन सा उपकरण सबसे ज्यादा बिजली खा रहा है।
  • अलर्ट मोड: जैसे ही आपकी खपत बढ़ने लगे, आप खुद अपने उपकरणों का इस्तेमाल नियंत्रित कर सकते हैं।

## 400 यूनिट का ‘जादुई आंकड़ा’ और हाफ बिजली योजना

स्मार्ट मीटर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह आपको राज्य सरकार की ‘हाफ बिजली योजना’ का लाभ उठाने में मदद करता है।

  • यदि आप ऐप के जरिए अपनी मासिक खपत पर नज़र रखते हुए उसे 400 यूनिट से नीचे बनाए रखते हैं, तो आपको बिजली बिल में भारी छूट (हाफ बिल) मिलती रहेगी।
  • 400 यूनिट पार करते ही यह लाभ खत्म हो जाता है, जिससे बिल में अचानक बड़ा उछाल दिखता है। स्मार्ट मीटर आपको समय रहते सचेत करता है ताकि आप इस सीमा के अंदर रहें।

## शिकायतों की जांच में सही पाए गए मीटर, शंका होने पर मिलाएं 1912

बिजली विभाग ने बताया कि स्मार्ट मीटर को लेकर जितनी भी शिकायतें मिली थीं, उनकी गहन जांच की गई और अधिकांश मामलों में मीटर बिल्कुल सही पाए गए। फिर भी, यदि किसी उपभोक्ता को अपने मीटर की सटीकता पर कोई संदेह है, तो वे तुरंत टोल-फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

बिल को करना है शून्य? अपनाएं यह रास्ता

विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे तकनीक का सही इस्तेमाल करें, ऊर्जा संरक्षण अपनाएं और सजग बनें। इसके साथ ही, उपभोक्ता ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के तहत अपने घरों की छत पर रूफटॉप सोलर संयंत्र लगवा सकते हैं, जिससे उनका बिजली बिल न के बराबर या पूरी तरह से शून्य हो सकता है।
यह समाचार रिपोर्ट बिजली उपभोक्ताओं को जागरूक करने और भ्रामक खबरों से बचाने के लिए जारी आधिकारिक आंकड़ों पर आधारित है।

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