बाढ़-जलभराव पर CM विष्णुदेव साय सख्त: ‘राहत कार्यों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं, हर प्रभावित तक तुरंत पहुँचे मदद’
बिलासपुर-जांजगीर में अतिवृष्टि के बाद सरकार मुस्तैद; भोजन, दवा और पेयजल बिना विलंब देने के निर्देश, युद्धस्तर पर शुरू हुआ रेस्क्यू

रायपुर, 18 जुलाई।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में भारी बारिश और जलभराव से उपजे संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने खुद कमान संभाल ली है। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में प्रशासनिक अमले को चेतावनी दी है कि राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही या शिथिलता अक्षम्य होगी। उन्होंने जिला कप्तानों और आपदा प्रबंधन की टीमों को पूरी सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ मैदान में उतरने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि इस संकट की घड़ी में सरकार का एक ही संकल्प है—“कोई भी प्रभावित भूखा या बेसहारा न रहे।” उन्होंने बिना किसी औपचारिक देरी के हर पीड़ित परिवार तक सूखी राहत सामग्री, पका हुआ भोजन, शुद्ध पेयजल और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं पहुँचाने का हुक्म जारी किया है।
🚨 सख्त निर्देश: तीन मोर्चों पर एक साथ काम करने का आदेश
मुख्यमंत्री ने सिर्फ राहत शिविरों तक सीमित न रहकर स्थिति को काबू में करने के लिए तीन बड़े निर्देश दिए हैं:
- त्वरित जलनिकासी: जलभराव वाले रिहायशी इलाकों से पानी निकालने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों और पंपों को तत्काल काम पर लगाया जाए।
- सड़क संपर्क की बहाली: भारी बारिश और बहाव से टूटी सड़कों और पुल-पुलियों की मरम्मत कर यातायात व्यवस्था को तुरंत बहाल किया जाए।
- कंट्रोल रूम एक्टिव: प्रभावित क्षेत्रों की पल-पल की रिपोर्ट सीधे राज्य मुख्यालय को भेजने और चौबीसों घंटे मॉनिटरिंग के निर्देश।
💬 “जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता”
“प्रदेश का हर नागरिक हमारा परिवार है। प्रभावित क्षेत्रों के भाई-बहनों को घबराने की जरूरत नहीं है, सरकार पूरी मुस्तैदी के साथ आपके साथ खड़ी है। संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। जनजीवन को पटरी पर लाना हमारी पहली प्राथमिकता है।”
— श्री विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्रीबैकअप प्लान तैयार, पल-पल की मॉनिटरिंग
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार बिलासपुर और जांजगीर-चांपा के हालातों पर चौबीसों घंटे नजर रखे हुए है। मुख्यमंत्री श्री साय खुद स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को आश्वस्त किया है कि अगर जिलों को अतिरिक्त रेस्क्यू टीमों (जैसे NDRF/SDRF), भारी मशीनों या बजटीय सहायता की आवश्यकता है, तो उसे बिना किसी कागजी देरी के तुरंत जारी किया जाएगा। प्रशासन अब पूरी ताकत से जनजीवन को सामान्य बनाने में जुट गया है।
