* शासन ने जारी किए विस्तृत दिशा-निर्देश; राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री करेंगे ध्वजारोहण, परेड की लेंगे सलामी
* शहीदों के परिजनों का होगा विशेष सम्मान, रात में रोशनी से जगमगाएंगे सभी शासकीय भवन

विशेष संवाददाता
रायपुर, 17 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ में इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस का राष्ट्रीय पर्व अभूतपूर्व और ऐतिहासिक होने जा रहा है। आजादी की वर्षगांठ के साथ-साथ इस साल राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का गौरवमयी उत्सव भी पूरे प्रदेश में पूरी भव्यता के साथ मनाया जाएगा। राज्य शासन ने इस राष्ट्रीय उत्सव को गरिमामय, भव्य और प्रेरणादायी ढंग से मनाने के लिए विस्तृत और कड़े दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी जिला कलेक्टरों और विभागीय प्रमुखों को आयोजनों की तैयारियों और सुरक्षा की समुचित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
राजधानी में मुख्य समारोह: मुख्यमंत्री करेंगे ध्वजारोहण
राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक पुलिस परेड ग्राउंड में मुख्य राज्य स्तरीय समारोह 15 अगस्त की सुबह ठीक 9:00 बजे आयोजित किया जाएगा। इस भव्य गरिमामयी समारोह में माननीय मुख्यमंत्री ध्वजारोहण करेंगे और परेड की सलामी लेंगे। इसके पश्चात, मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता के नाम अपना पारंपरिक संदेश देंगे।
‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन अनिवार्य
राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए राज्य शासन ने इस बार सभी शासकीय कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन अनिवार्य कर दिया है।देशभक्ति के रंग में रंगेगा परेड ग्राउंड
इस वर्ष मुख्य परेड आकर्षण का केंद्र होगी, जिसमें देश और राज्य के जांबाज सुरक्षा बल कदमताल करते नजर आएंगे। परेड में मुख्य रूप से शामिल होने वाली टुकड़ियाँ:
- सीमा सुरक्षा बल (BSF)
- केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF)
- केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF)
- भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP)
- सशस्त्र सीमा बल (SSB)
- छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (पुरुष व महिला विंग)
- नगर सेना (Home Guards)
- एनसीसी (NCC) कैडेट्स और बैंड प्लाटून।
जिला और ब्लॉक स्तर पर मंत्रियों व स्थानीय जन-प्रतिनिधियों को कमान
सत्ता और उत्सव के विकेंद्रीकरण की शानदार मिसाल पेश करते हुए शासन ने जिला और ब्लॉक स्तर के लिए भी जिम्मेदारियां तय की हैं:
- जिला मुख्यालय: शासन द्वारा नामित माननीय मंत्रीगण ध्वजारोहण करेंगे, परेड की सलामी लेंगे और मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। इस दौरान स्कूली बच्चों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
- जनपद मुख्यालय: जनपद पंचायत अध्यक्षों द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा।
- नगरीय निकाय व पंचायतें: नगर पालिकाओं/पंचायतों में उनके अध्यक्ष, सरपंच और बड़े गांवों में ग्राम प्रमुखों द्वारा ध्वजारोहण संपन्न होगा। इन सभी स्थानों पर राष्ट्रगान के साथ देश की एकता और अखंडता का संकल्प दोहराया जाएगा।
शहीदों के परिजनों और स्वतंत्रता सेनानियों का होगा सम्मान
छत्तीसगढ़ सरकार ने इस पावन अवसर पर माटी के सपूतों को नमन करने का निर्णय लिया है। जिला कलेक्टरों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि जिला स्तरीय समारोहों में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और नक्सली हिंसा में वीरगति को प्राप्त हुए जवानों के परिजनों को ससम्मान आमंत्रित किया जाए और उन्हें मंच पर सम्मानित किया जाए। 15 अगस्त को समाचार पत्रों में जारी होने वाले शासकीय विज्ञापन भी छत्तीसगढ़ के शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को समर्पित रहेंगे।
शासकीय भवनों पर होगी भव्य लाइटिंग, नागरिकों से भी अपील
15 अगस्त की शाम पूरा छत्तीसगढ़ रोशनी से सराबोर नजर आएगा। सभी शासकीय भवनों, कार्यालयों और राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों को आकर्षक लाइटों से सजाया जाएगा। शासन ने आम नागरिकों और निजी संस्थाओं से भी अपील की है कि वे स्वप्रेरणा से अपने घरों और भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराएं और रात्रि में दीप या रोशनी कर उत्सव का हिस्सा बनें।
संस्थानों के लिए कड़े नियम व गाइडलाइंस
- समय सीमा: सभी शासकीय और शैक्षणिक संस्थानों में सुबह 9:00 बजे से पहले ध्वजारोहण, राष्ट्रगान, प्रभात फेरी, सांस्कृतिक व साहित्यिक कार्यक्रम, खेलकूद और वृक्षारोपण के कार्यक्रम अनिवार्य रूप से संपन्न कराने होंगे।
- ध्वनि विस्तारक यंत्र (लाउडस्पीकर): लाउडस्पीकर के प्रयोग के लिए जिला कलेक्टर से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। शासन ने स्पष्ट किया है कि लाउडस्पीकर पर केवल मर्यादित और देशभक्ति से ओतप्रोत गीतों का ही प्रसारण किया जा सकेगा। किसी भी प्रकार की अभद्रता या अशांति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
