आत्मनिर्भर भारत की दिशा में छत्तीसगढ़ का बड़ा कदम: CM साय के नेतृत्व में खनिज क्षेत्र में ऐतिहासिक क्रांति

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में छत्तीसगढ़ का बड़ा कदम: CM साय के नेतृत्व में खनिज क्षेत्र में ऐतिहासिक क्रांति

CMDC और JNARDDC के बीच हुआ ऐतिहासिक MoU; क्रिटिकल मिनरल्स के अनुसंधान और वैज्ञानिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार

रायपुर, 19 जुलाई 2026
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “क्रिटिकल मिनरल मिशन” एवं “आत्मनिर्भर भारत” के विजन को धरातल पर उतारते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने खनिज क्षेत्र में एक और बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राज्य की खनिज संपदा के वैज्ञानिक, सतत और मूल्यवर्धित (Value-Added) दोहन के लिए एक नए युग की शुरुआत हुई है।
इसी कड़ी में आज छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CMDC) और देश के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू एल्युमिनियम अनुसंधान, विकास एवं डिजाइन केंद्र (JNARDDC), नागपुर के मध्य एक बेहद महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह ऐतिहासिक साझेदारी सीएमडीसी के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, खनिज साधन विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद तथा प्रबंध संचालक श्री रजत बंसल के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुई।

🚀 क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा देश

इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ में उपलब्ध रणनीतिक और बहुमूल्य खनिज संसाधनों (Critical Minerals) का योजनाबद्ध, समयबद्ध एवं अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।

  • गैलियम, वैनेडियम और स्कैंडियम पर महा-शोध: JNARDDC के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. उपेंद्र सिंह ने बताया कि संस्थान रेड मड से गैलियम एवं वैनेडियम तथा बॉक्साइट के उप-उत्पादों से स्कैंडियम जैसी अत्यंत दुर्लभ और क्रिटिकल धातुओं की पुनर्प्राप्ति (Recovery) पर अत्याधुनिक अनुसंधान कर रहा है।
  • यह शोध रक्षा, अंतरिक्ष, इलेक्ट्रॉनिक्स और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा (Green Energy) के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने में गेम-चेंजर साबित होगा।

💎 दूरगामी परिणाम देगी यह साझेदारी

एमओयू एक्सचेंज कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, भारतीय खान ब्यूरो के कंट्रोलर जनरल एवं जेएनएआरडीडीसी के निदेशक श्री पंकज कुलश्रेष्ठ ने इस साझेदारी को देश के खनिज क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा:

“अनुसंधान आधारित खनिज विकास, नवाचार और संस्थागत सहयोग का यह मॉडल राज्य और देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा और इसके परिणाम अत्यंत दूरगामी होंगे।”

कार्यक्रम में भारतीय खान ब्यूरो के कंट्रोलर ऑफ माइंस डॉ. बी.एल. गुर्जर ने सीएमडीसी और खनिज साधन विभाग के बीच चल रहे शानदार तालमेल की सराहना की और कहा कि यह जुगलबंदी राज्य के विकास को अभूतपूर्व गति दे रही है।

📈 CMDC की 25 वर्षों की शानदार विकास यात्रा

कार्यक्रम के दौरान सीएमडीसी के महाप्रबंधक श्री यू.के. कुरैशी ने एक विस्तृत और प्रभावी प्रस्तुति दी। उन्होंने निगम के पिछले 25 वर्षों के शानदार सफर, संचालित प्रमुख खनिज परियोजनाओं और भविष्य के रोडमैप को रेखांकित किया।
वहीं, रीजनल कंट्रोलर ऑफ माइंस श्री प्रेम प्रकाश ने सीएमडीसी की टिन एवं कोरंडम परियोजनाओं की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स ने न केवल स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा किए हैं, बल्कि खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता और वैधानिक प्रक्रियाओं को भी बेहद मजबूत किया है।

🤝 गरिमामय उपस्थिति में हुआ एमओयू का आदान-प्रदान

इस ऐतिहासिक एमओयू का औपचारिक आदान-प्रदान मुख्य अतिथि श्री पंकज कुलश्रेष्ठ और सीएमडीसी के मुख्य महाप्रबंधक श्री संजय कनकने ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत में श्री संजय कनकने ने स्वागत उद्बोधन देते हुए इस एमओयू को खनिज क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और सतत विकास की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया।

🎯 औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को मिलेगी नई धार

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश की प्राकृतिक संपदा को ही छत्तीसगढ़ के चौमुखी विकास का आधार बना रही है। इस एमओयू से न केवल आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि:

  1. छत्तीसगढ़ में नए उद्योगों का जाल बिछेगा।
  2. स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर उच्च-तकनीकी रोजगार सृजित होंगे।
  3. राज्य की आर्थिक प्रगति को एक नई और अभूतपूर्व रफ्तार मिलेगी।
    अंत में, सभी विशेषज्ञों और वक्ताओं ने सर्वसम्मति से विश्वास जताया कि सीएमडीसी और जेएनएआरडीडीसी का यह साझा प्रयास देश के खनिज परिदृश्य को बदलने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

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