रायपुर, 22 जुलाई:
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्मार्ट मीटर को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा किए जा रहे विरोध पर करारा हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह केंद्र सरकार की राष्ट्रव्यापी योजना के तहत देशभर के विभिन्न राज्यों में लागू की जा रही है।
अग्रणी बिजली सुधारों और आधुनिक तकनीक की दिशा में कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री साय ने विपक्ष की मंशा पर कड़ा सवाल उठाया।
“कांग्रेस मुद्दाविहीन, विरोध के लिए ढूंढ रही बहाने”
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विपक्षी दल पर तंज कसते हुए कहा:
“स्मार्ट मीटर सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी लगाए जा रहे हैं। कांग्रेस पूरी तरह से मुद्दाविहीन हो चुकी है। उनके पास जनता से जुड़ा कोई ठोस विषय नहीं बचा है, इसलिए वे केवल राजनीतिक रोटी सेंकने और सरकार के विकास कार्यों में अड़ंगा डालने के लिए बेबुनियाद मुद्दे तलाश रहे हैं।”
आधुनिक व्यवस्था से उपभोक्ताओं को होगा सीधा लाभ
बिजली विभाग और शासन का मानना है कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था से उपभोक्ताओं को कई तरह की सहूलियतें मिलेंगी:
- सटीक बिलिंग: गलत रीडिंग और अनुमानित बिलों की समस्या से पूरी तरह मुक्ति।
- पारदर्शिता: उपभोक्ता अपनी बिजली खपत का वास्तविक समय (Real-time) में ट्रैक रख सकेंगे।
- ऊर्जा की बचत: स्मार्ट तकनीक की मदद से बिजली की फिजूलखर्ची पर लगाम लगेगी।
राजनीतिक बयानबाजी पर सरकार का रुख स्पष्ट
मुख्यमंत्री के इस कड़े बयान से यह साफ हो गया है कि राज्य सरकार जनहित और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के मुद्दों पर पीछे हटने वाली नहीं है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, बिजली व्यवस्था में सुधार और लाइन लॉस को कम करने के लिए यह पहल बेहद जरूरी है। कांग्रेस के विरोध को सरकार ने पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित करार दिया है।
