रायपुर 22 जुलाई । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के उस आह्वान का पुरजोर समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने संसद के समय की गरिमा और उसकी उपयोगिता को रेखांकित किया था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोकतंत्र के सर्वोच्च मंदिर यानी लोकसभा का एक-एक मिनट राष्ट्र निर्माण और जन-कल्याण के दृष्टिकोण से अत्यंत कीमती होता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संसदीय सत्र का उपयोग राजनीतिक खींचतान या व्यवधान के बजाय देश की ज्वलंत जन-समस्याओं के ठोस समाधान और विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए होना चाहिए। जब सदन में गंभीर, सार्थक और नीतिगत चर्चाएं होती हैं, तभी देश के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंच पाता है।
“लोकसभा का एक-एक मिनट देश की जनता का है। जब सदन बिना बाधा के चलता है, तो राष्ट्र विकास की ओर तेजी से कदम बढ़ाता है। प्रधानमंत्री जी का यह आग्रह हर जनप्रतिनिधि के लिए जनसेवा का मूलमंत्र होना चाहिए।”
— श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़मुख्य बिंदु:
- जन-समस्याओं का समाधान प्राथमिकता: सदन का समय केवल विधायी कार्यों तक सीमित न रहकर जन-आकांक्षाओं को आवाज देने का माध्यम बनना चाहिए।
- विकास की गति को बल: महत्वपूर्ण विधेयकों और नीतियों पर सकारात्मक चर्चा से देश के बुनियादी ढांचे और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।
- संसदीय मर्यादा का सम्मान: प्रधानमंत्री जी के इस दृष्टिकोण का पालन करते हुए सभी दलों को सदन की गरिमा बनाए रखने में अपना योगदान देना चाहिए।
मुख्यमंत्री के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि जनहित के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या समय की बर्बादी लोकतंत्र के मूल उद्देश्यों के विपरीत है। उनका यह वक्तव्य राजनीतिक गलियारों और आम जनता के बीच व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है।
