एक पेड़ माँ के नाम: रुनियाडीह स्कूल में नो बैग डे पर गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश

  • कलेक्टर रेना जमील के मार्गदर्शन में बच्चों ने किया श्रमदान, बनाई पोषण वाटिका
  • विद्यार्थियों ने रोपे फलदार पौधे व सब्जियों के बीज, बाल कैबिनेट की दिखी अनोखी पहल

सूरजपुर के रुनियाडीह स्कूल में नो बैग डे पर अनूठी पहल

सूरजपुर 26 जुलाई । राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत बच्चों के शैक्षणिक बोझ और मानसिक तनाव को दूर करने के उद्देश्य से संचालित ‘नो बैग डे’ शनिवार को सूरजपुर जिले के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला रुनियाडीह में एक नई मिसाल बन गया। सूरजपुर कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के कुशल निर्देशन व मार्गदर्शन में विद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत भव्य वृक्षारोपण एवं पोषण वाटिका निर्माण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
इस अवसर पर किताबों के बिना स्कूल पहुँचे बच्चों ने अपनी रचनात्मकता और श्रमदान के जरिए न केवल स्कूल परिसर को हरा-भरा किया, बल्कि पूरे समाज को पर्यावरण संरक्षण और बेहतर स्वास्थ्य का असरदार संदेश भी दिया।

यूथ एवं इको क्लब का श्रमदान, खरपतवार हटाकर सँवारी वाटिका

कार्यक्रम में विद्यालय के यूथ एवं इको क्लब की सक्रिय भूमिका रही। क्लब प्रभारी श्रीमती एम. टोप्पो के नेतृत्व और क्लब अध्यक्ष वर्षा राजवाड़े की अगुवाई में छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ श्रमदान किया। बच्चों ने पोषण वाटिका से खरपतवार हटाकर पहले से लगे पौधों की निंदाई-गुड़ाई की और उनकी उचित देखभाल का संकल्प लिया।
संस्था प्रमुख श्री सीमांचल त्रिपाठी ने इस संबंध में बताया कि:

“प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ जन-अभियान और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप शासकीय उद्यान दतिमा से पौधे प्राप्त किए गए थे। बच्चों ने परिसर में नीम, पीपल जैसे छायादार वृक्षों के साथ-साथ आम, पपीता, मुनगा और केला के फलदार पौधे रोपे। इसके अलावा पोषण वाटिका को समृद्ध बनाने के लिए बरबटी, लौकी और करेला जैसी जैविक सब्जियों के बीज भी बोए गए।”

बच्चों की थाली तक पहुँच रहा जैविक पोषण

रुनियाडीह का यह बस्तामुक्त विद्यालय अपने परिसर को हरित क्रांति का केंद्र बना चुका है। संस्था प्रमुख ने जानकारी दी कि विद्यालय परिसर में पूर्व से ही आम, जामुन, कटहल, अमरूद, पपीता, केला और अनानास के कई फलदार वृक्ष लहलहा रहे हैं। पोषण वाटिका से मिलने वाले ताजे फल और हरी सब्जियाँ विद्यार्थियों के मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) का हिस्सा बनते हैं, जिससे उन्हें आवश्यक प्राकृतिक पोषण मिल रहा है।

शिक्षकों और बाल कैबिनेट की रही एकजुट भागीदारी

नो बैग डे के इस प्रेरक और स्वास्थ्यवर्धक आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय परिवार का पूरा सहयोग रहा। कार्यक्रम के दौरान शिक्षक श्री रिजवान अंसारी, श्रीमती सुमित्रा राजवाड़े, नान दईया तथा बाल कैबिनेट के सदस्यों ने अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई। बच्चों के चेहरों पर किताबों के तनाव की जगह हाथों में मिट्टी और पौधों की हरियाली का उत्साह साफ दिखाई दे रहा था।

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