सीएम हेल्पलाइन का त्वरित असर: किसान श्री राम के बंद पड़े सोलर पंप से पानी फूटा, खेत हुए लहलहाते
कोरबा के ग्राम अरसियां में क्रेडा की त्वरित कार्रवाई; बंद पंप ठीक होने पर किसान ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
विशेष संवाददाता | 26 जुलाई रायपुर/कोरबा
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल और सुशासन की नीति का असर अब जमीनी स्तर पर साफ नजर आने लगा है। जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में ‘सीएम हेल्पलाइन’ किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। ताजा मामला कोरबा जिले के सुदूर विकासखंड पोड़ी-उपरोड़ा के ग्राम अरसियां का है, जहाँ सीएम हेल्पलाइन में दर्ज एक शिकायत के बाद महज कुछ ही समय में बंद पड़े सोलर पंप को दुरुस्त कर किसान के खेतों में हरियाली लौटा दी गई।

तकनीकी खराबी से थमा सिंचाई का पहिया
ग्राम अरसियां निवासी कृषक श्री राम के खेत में सौर सुजला योजना के अंतर्गत सोलर पंप स्थापित किया गया था, जिसके भरोसे वे अपनी फसलों की सिंचाई करते थे। अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण सोलर पंप बंद हो गया। खरीफ के चालू सीजन में एन वक्त पर पानी रुकने से खेतों में सूखा पड़ने की नौबत आ गई और किसान के सामने पूरी फसल बर्बाद होने का संकट खड़ा हो गया। स्थानीय स्तर पर समाधान न मिलने पर श्री राम ने उम्मीद के साथ सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर अपनी पीड़ा दर्ज कराई।

शिकायत दर्ज होते ही हरकत में आया क्रेडा प्रशासन
सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत मिलते ही जिला प्रशासन और छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (CREDA) हरकत में आया। अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल एक तकनीकी दल (Technical Team) को ग्राम अरसियां भेजा। इंजीनियरों की टीम ने मौके पर पहुँचकर खराबी का बारीकी से निरीक्षण किया और जरूरी मरम्मत कर सोलर पंप को तत्काल पुनः चालू कर दिया।
“सीएम हेल्पलाइन से मिला नया जीवनदान”
“सोलर पंप बंद होने से ऐसा लग रहा था मानो पूरी मेहनत पर पानी फिर जाएगा। लेकिन सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराते ही जिस तेजी से कार्रवाई हुई, उसने हैरान कर दिया। पंप दोबारा चालू होने से मेरे खेतों को नया जीवन मिला है। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, जिला प्रशासन और क्रेडा का दिल से आभारी हूँ।”
— श्री राम (पीड़ित कृषक, ग्राम अरसियां)किसानों की सेवा सर्वोच्च प्राथमिकता: क्रेडा
क्रेडा के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सौर सुजला योजना के तहत स्थापित सभी सोलर पंपों के सुचारु संचालन और रखरखाव (Maintenance) के लिए विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसानों की सिंचाई में कोई बाधा न आए, इसके लिए हर तकनीकी शिकायत को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर तत्काल निपटाया जा रहा है।
राज्य शासन के इस संवेदनशील रवैये और त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई ने न केवल एक किसान की डूबती फसल को बचा लिया, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि साय सरकार में ‘सुशासन का मतलब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि धरातल पर समाधान है।’
