छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा बयान: पेपर लीक रोकने के लिए संसद में आएगा सख्त ‘एंटी पेपर लीक बिल’
रायपुर:
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए केंद्र सरकार के एक ऐतिहासिक कदम का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश में पेपर लीक जैसी कुप्रथा को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री जी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने इस संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। आने वाले समय में संसद में ‘एंटी पेपर लीक बिल’ (Anti-Paper Leak Bill) लाया जाएगा, जिसके तहत युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई और कठोरतम सजा का प्रावधान होगा।
युवाओं और मेधावी छात्रों के हितों की रक्षा
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं न केवल मेहनती और प्रतिभाशाली युवाओं के सपनों को तोड़ती हैं, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाती हैं। केंद्र सरकार द्वारा लाया जा रहा यह नया कानून इस प्रकार के आपराधिक कृत्यों पर लगाम लगाने में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
- कड़े प्रावधान: परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने के लिए इस एक्ट में सख्त सजा और जुर्माने का कड़ा प्रावधान तय किया गया है।
- पारदर्शिता को बढ़ावा: इस कानून के लागू होने से देश और प्रदेशभर की तमाम भर्ती परीक्षाएं पूरी शुचिता, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न हो सकेंगी।
“देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प लिया है। कैबिनेट का यह निर्णय इस बात का प्रमाण है कि सरकार छात्रों के साथ खड़ी है। भविष्य में कोई भी व्यक्ति पेपर लीक जैसी गतिविधियों में संलिप्त पाया गया, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा और उसके विरुद्ध कानून के तहत सबसे कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
— श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
