छत्तीसगढ़ में बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए प्रशासन हाई अलर्ट पर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सख्त निर्देश—”हर पीड़ित तक तुरंत पहुंचे मदद”

रायपुर, छत्तीसगढ़ 29 जुलाई :
राज्य में मानसून के सक्रिय होने और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के मद्देनजर छत्तीसगढ़ सरकार पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रही है। संभावित बाढ़ और जलभराव की आपातकालीन स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के सभी जिलों के जिला कलेक्टरों (Collectors) और प्रशासनिक अमले को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

🚨 मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश: “संकट की घड़ी में जनता की सुरक्षा सर्वोपरि”

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और प्रशासनिक बैठकों के माध्यम से मैदानी अमले को निर्देशित किया है कि:

  • तत्काल सहायता पहुंचाई जाए: राज्य के किसी भी हिस्से में यदि बाढ़ या भारी जलभराव जैसी आपदा की स्थिति बनती है, तो बिना एक पल गंवाए प्रभावित और जरूरतमंद लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाई जाए।
  • राहत शिविरों की अग्रिम तैयारी: निचले इलाकों और बाढ़-संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां पहले से ही सुरक्षित राहत शिविरों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जहां भोजन, पेयजल, और चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध हों।
  • रेस्क्यू टीमों की तैनाती: राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और स्थानीय पुलिस प्रशासन को पूरी तरह से मुस्तैद रखा गया है ताकि आपातकाल में तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा सके।

🌧️ बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासनिक रणनीति और पुख्ता इंतजाम

मुख्यमंत्री के इन कड़े निर्देशों के बाद छत्तीसगढ़ प्रशासन ने कमर कस ली है और निम्नलिखित मोर्चों पर तेजी से काम शुरू कर दिया है:

  1. 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम: सभी जिला मुख्यालयों में विशेष बाढ़ नियंत्रण कक्ष (Flood Control Room) स्थापित किए गए हैं, जो चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। आम नागरिक आपात स्थिति में इन नंबरों पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
  2. नदियों और बांधों के जलस्तर पर पैनी नजर: जल संसाधन विभाग (Water Resources Department) द्वारा महानंद, शिवनाथ, हसदेव, इंद्रावती और पैरी जैसी प्रमुख नदियों तथा सभी बड़े जलाशयों के जलस्तर की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। बांधों के गेट खोलने से पहले निचले इलाकों में मुनादी कराकर अलर्ट जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
  3. स्वास्थ्य और खाद्यान्न सुरक्षा: बाढ़ प्रभावित या घिरे हुए ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य टीमों (Medical Teams) को जीवन रक्षक दवाओं के साथ तैयार रखा गया है। साथ ही, खाद्यान्न और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया गया है।
  4. विद्युत और मार्ग बहाली: बाढ़ या तेज हवाओं के कारण यदि बिजली आपूर्ति बाधित होती है या सड़क मार्ग अवरुद्ध होते हैं, तो उन्हें युद्धस्तर पर बहाल करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) और विद्युत विभाग की विशेष टीमों को तैनात किया गया है।

📢 आम नागरिकों के लिए शासन की अपील

राज्य सरकार ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि वे भारी बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से उफनती नदियों, नालों या पुल-पुलियों को पार करने का जोखिम न उठाएं। किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या जिला नियंत्रण कक्ष को सूचना दें, ताकि समय रहते सहायता पहुंचाई जा सके।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के इस कड़े और संवेदनशील रुख से स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ सरकार बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और राज्य के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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