मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने लोकसभा में ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ के पारित होने पर जताया हर्ष

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने लोकसभा में ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ के पारित होने पर जताया हर्ष

– युवाओं के भविष्य और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम : मुख्यमंत्री श्री साय

– परीक्षा माफिया, प्रश्नपत्र लीक और संगठित अनियमितताओं पर लगेगा प्रभावी अंकुश

रायपुर, 29 जुलाई 2026:
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लोकसभा में ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ के पारित होने का जोरदार स्वागत किया है। इसे देश के करोड़ों युवाओं के सुरक्षित भविष्य, ईमानदार प्रतिभा और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम करार देते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं के सपनों, उनके परिश्रम और उनके भविष्य की रक्षा के लिए पूरी तरह संकल्पित है। यह संशोधन उसी दृढ़ इच्छाशक्ति का जीवंत प्रमाण है।

युवाओं के परिश्रम और विश्वास का रखा गया है मान

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने आधिकारिक वक्तव्य में कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं देश के करोड़ों युवाओं की वर्षों की कठिन तपस्या, आशाओं और अटूट विश्वास का आधार होती हैं। प्रश्नपत्र लीक होने, नकल माफिया के सक्रिय होने और संगठित परीक्षा अपराधों जैसी असामाजिक गतिविधियां न केवल योग्य एवं मेधावी अभ्यर्थियों के साथ घोर अन्याय करती हैं, बल्कि पूरे देश की परीक्षा प्रणाली की साख और विश्वसनीयता को भी गहरा आघात पहुंचाती हैं। ऐसे घृणित कृत्यों पर लगाम कसने के उद्देश्य से लाया गया यह नया संशोधन परीक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत और त्रुटिरहित बनाएगा।

कड़े प्रावधानों से टूटेगा माफिया तंत्र

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इस संशोधन विधेयक के माध्यम से परीक्षा संबंधी अपराधों के विरुद्ध दंडात्मक प्रावधानों को पहले से कहीं अधिक कठोर किया गया है।

  • माफिया पर शिकंजा: इससे परीक्षा माफियाओं, संगठित आपराधिक गिरोहों और किसी भी स्तर पर अनियमितता में लिप्त तत्वों के खिलाफ त्वरित और सख्त कानूनी कार्रवाई का मार्ग प्रशस्त होगा।
  • बढ़ेगी जवाबदेही: परीक्षा आयोजित करने वाली विभिन्न एजेंसियों और सेवा प्रदाताओं की जवाबदेही भी अब कानूनी रूप से और अधिक सुनिश्चित होगी।
  • पारदर्शिता और विश्वास: इन बदलावों से संपूर्ण चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और पूरी तरह विश्वसनीय बनेगी।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में युवाओं के हितों कोसर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्र सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में युवाओं के हितों को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। नई शिक्षा नीति का क्रियान्वयन, व्यापक कौशल विकास अभियान, रोजगार के नए अवसरों का सृजन, डिजिटल पारदर्शिता को बढ़ावा देना और अब परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाना—यह सभी कदम मिलकर देश के युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने का कार्य कर रहे हैं। इन दूरदर्शी सुधारों से प्रतिभाशाली और मेहनती युवाओं का व्यवस्था के प्रति विश्वास और अधिक प्रगाढ़ होगा।

विकसित भारत के संकल्प की ओर एक मजबूत कदम

अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि एक ‘विकसित भारत’ का निर्माण तभी संभव है, जब देश के युवाओं को उनकी योग्यता, क्षमता और परिश्रम के आधार पर निष्पक्ष अवसर मिल सकें। यह नया विधेयक प्रधानमंत्री मोदी की उसी सोच को धरातल पर उतारने वाला एक मील का पत्थर साबित होगा, जो ईमानदार प्रतिभाओं को संरक्षण प्रदान करेगा और परीक्षा प्रणाली को दूषित करने वाले तत्वों पर कठोर प्रहार करेगा।

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