🚨 परीक्षा माफियाओं और पेपर लीक करने वालों की खैर नहीं! लोकसभा में ‘लोक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026’ पारित
— मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस ऐतिहासिक कदम को बताया ‘युवाओं के सपनों का सुरक्षा कवच’, छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से जताया आभार

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- संसद में ऐतिहासिक विजय: लोकसभा में ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ सर्वसम्मति से पारित।
- कड़े प्रहार का प्रावधान: पेपर लीक, सॉल्वर गैंग और संगठित परीक्षा माफियाओं पर लगेगा अब तक का सबसे कठोर कानूनी शिकंजा।
- युवाओं की जीत: देश के करोड़ों मेहनती युवाओं की प्रतिभा, निष्ठा और सुरक्षित भविष्य को मिला संवैधानिक संरक्षण।
- छत्तीसगढ़ का अभिनंदन: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य के समस्त नागरिकों और युवाओं की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति व्यक्त किया आत्मीय आभार।
🔥 विस्तृत रिपोर्ट: पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की ओर ऐतिहासिक छलांग
नई दिल्ली / रायपुर 29 जुलाई :
भारत के इतिहास में आज का दिन देश के करोड़ों युवाओं, विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और अटूट संकल्प के चलते आज लोकसभा में ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ को औपचारिक रूप से पारित कर दिया गया है।
यह कानून केवल एक विधायी संशोधन नहीं है, बल्कि यह उन तमाम कुख्यात परीक्षा माफियाओं, नकलचियों और प्रश्नपत्र लीक (Paper Leak) कराने वाले गिरोहों के ताबूत में आखिरी कील है, जो वर्षों से देश के प्रतिभाशाली युवाओं के परिश्रम और भविष्य के साथ खिलवाड़ करते आ रहे थे। इस सख्त कानून के आने से अब देश की हर प्रतियोगी और सार्वजनिक परीक्षा पूरी तरह पवित्र, पारदर्शी और अभेद्य हो जाएगी।
🎯 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आक्रामक और स्वागतयोग्य बयान
छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस ऐतिहासिक विधेयक के पारित होने पर अत्यंत गर्व और प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने इसे देश की युवा शक्ति के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ सबसे बड़ा और निर्णायक कदम करार दिया है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने आधिकारिक संदेश में दो टूक शब्दों में कहा:
“आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आज लोकसभा में ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ का पारित होना देश के करोड़ों युवाओं के सुरक्षित भविष्य, ईमानदार प्रतिभा और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।”
मुख्यमंत्री ने आगे बल देते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण संशोधन देश की प्रतियोगी परीक्षाओं की पवित्रता और विश्वसनीयता को और अधिक सुदृढ़ करेगा। अब कोई भी संगठित गिरोह या भ्रष्ट तत्व देश के युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेलने का दुःसाहस नहीं कर पाएगा।
🛡️ कैसे वरदान साबित होगा यह नया कानून?
- सख्त से सख्त सजा और जुर्माने का प्रावधान: इस नए संशोधन के बाद परीक्षा में गड़बड़ी करने, नकल कराने या प्रश्नपत्र लीक करने वालों के खिलाफ भारी जुर्माने और आजीवन/कड़े कारावास जैसी मिसाल कायम करने वाली सजा का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
- मेहनती युवाओं के संघर्ष को मिलेगा सच्चा न्याय: अब तक कई बार रात-दिन एक करने वाले गरीब और मध्यम वर्ग के मेधावी छात्र सिस्टम की कमियों और माफियाओं के कारण पीछे छूट जाते थे। यह कानून यह सुनिश्चित करेगा कि सफलता केवल ‘पैसे और जुगाड़’ से नहीं, बल्कि केवल और केवल ‘सच्ची मेहनत और प्रतिभा’ से मिले।
- मानसिक तनाव से मुक्ति: परीक्षा के दौरान पेपर लीक होने की खबर से सदमे में आने वाले विद्यार्थियों और तनाव में रहने वाले अभिभावकों को अब एक भयमुक्त और पारदर्शी माहौल मिलेगा।
🚀 ‘विकसित भारत’ के संकल्प को मिलेगी नई रफ्तार
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस बात को रेखांकित किया कि देश की असली ताकत उसकी युवा शक्ति है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं के सपनों, उनकी ऊर्जा और उनके श्रम की रक्षा के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है।
जब देश का युवा भ्रष्टाचार और पेपर लीक के जाल से मुक्त होकर पूरी ऊर्जा के साथ देश निर्माण में जुटेगा, तभी ‘विकसित भारत 2047’ का महान संकल्प साकार होगा। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने इस युगांतरकारी और साहसिक पहल के लिए राज्य के समस्त नागरिकों और युवाओं की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
