छँट रहा है नक्सलवाद का अंधियारा, बदल रहा है दंतेवाड़ा।

छँट रहा है नक्सलवाद का अंधियारा, बदल रहा है दंतेवाड़ा।

हमारी सरकार की नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025 और नियद नेल्ला नार योजना ने दंतेवाड़ा सहित बस्तर अंचल में नया विश्वास जगाया है। माओवादी हिंसा के झूठे नारों से भटके लोग अब विकास और शांति की राह चुन रहे हैं।

बस्तर संभाग में चलाये जा रहे पूना मारगेम अभियान तथा दन्तेवाड़ा जिले में चलाये जा रहे लोन वर्राटू अभियान से प्रभावित होकर 71 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें 30 नक्सलियों पर 08 लाख रुपए से 50 हजार रुपए तक कुल 64 लाख का इनाम घोषित था। इतनी बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण हमारी नीतियों की प्रभावशीलता और जन-विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

आत्मसमर्पित नक्सलियों को बेहतर जीवन की शुरुआत के लिए 50-50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि के चेक प्रदान किए गए हैं। इसके साथ ही उन्हें नक्सल उन्मूलन नीति के तहत सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

हमारी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और भरोसेमंद वातावरण के कारण अब तक 1770 से अधिक माओवादी मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं।

डबल इंजन की सरकार का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त कर, आत्मसमर्पित साथियों को सम्मानजनक पुनर्वास और बेहतर जीवन उपलब्ध कराया जाए।

यह परिवर्तन बस्तर के उज्ज्वल भविष्य और शांति की ओर बढ़ते कदमों का सशक्त संकेत है।

श्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

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