बेमेतरा/रायपुर, 04 जुलाई 2026।
कमरतोड़ कार्रवाई: मुख्यमंत्री साय का ‘जीरो टॉलरेंस’ एक्शन, बिचौलियों-कालाबाजारियों में हड़कंप
अन्नदाताओं के हक पर डाका डालने वालों पर गिरेगी गाज; कलेक्टर के निर्देश पर उड़नदस्ते की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन के शुरू होते ही मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसानों के शोषकों और खाद माफियाओं के खिलाफ निर्णायक जंग छेड़ दी है। “किसानों की मेहनत का एक-एक कतरा सुरक्षित रहेगा और उनके हक पर डाका डालने वालों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा”—इस संकल्प के साथ पूरे प्रदेश में उर्वरकों की कालाबाजारी और अवैध भंडारण के खिलाफ महाअभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बेमेतरा जिला प्रशासन ने आधी रात एक बड़ी और साहसिक कार्रवाई करते हुए 275 बोरी अवैध यूरिया जब्त कर कालाबाजारियों के पूरे सिंडिकेट को हिलाकर रख दिया है।
गोपनीय इनपुट पर आधी रात एक्शन, ग्राम जानो में पकड़ाया अवैध स्टॉक
प्रशासन को लगातार सूचना मिल रही थी कि खरीफ सीजन की शुरुआत में कुछ रसूखदार और बिचौलिए खाद का कृत्रिम अभाव (आर्टिफिशियल किल्लत) पैदा कर किसानों को ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में हैं।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं के सख्त तेवर और कृषि विभाग के उप संचालक श्री मोरध्वज डडसेना के कुशल मार्गदर्शन में गठित जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल ने इस सूचना पर तत्काल ‘स्ट्राइक’ की।
उड़नदस्ता दल ने तहसील देवकर के ग्राम जानो में अँजोर वर्मा के ठिकाने पर अचानक घेराबंदी कर औचक छापा मारा। जब परिसर की सघन तलाशी ली गई, तो अधिकारियों की आंखें फटी रह गईं। वहां उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 की धज्जियां उड़ाते हुए भारी मात्रा में अवैध यूरिया छिपाकर रखा गया था। टीम ने बिना वक्त गंवाए 275 बोरी यूरिया को मौके पर ही सील और जब्त कर लिया।
प्रशासन का कड़ा हंटर: सिर्फ जब्ती नहीं, अब सीधे दर्ज होगी FIR
जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह कार्रवाई महज औपचारिकता नहीं है, बल्कि आरोपी को इसके गंभीर कानूनी परिणाम भुगतने होंगे:
- राडार पर मिलावटखोर (सैंपलिंग शुरू): जब्त की गई खाद असली है या इसमें कोई मिलावट कर किसानों को ठगने की साजिश थी, इसकी जांच के लिए नमूनों को तत्काल लैब भेज दिया गया है।
- ब्लैकलिस्ट और जेल की तैयारी: आरोपी को कड़ा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने साफ कहा है कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी के खिलाफ पुलिस में एफआईआर (FIR) कराई जाएगी और मामला सीधे कोर्ट भेजा जाएगा।
“किसानों के आंसू बहाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा” — कलेक्टर
“छत्तीसगढ़ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता किसान हैं। खरीफ सीजन में यदि कोई भी निजी कृषि केंद्र, उर्वरक विक्रेता या सहकारी संस्था खाद की जमाखोरी, कृत्रिम कमी या निर्धारित मूल्य (MRP) से ₹1 भी ज्यादा वसूलते पाई गई, तो उनके खिलाफ ऐसी सख्त वैधानिक कार्रवाई होगी जो नजीर बनेगी। हमारी टीमें पूरे जिले में 24 घंटे अलर्ट पर हैं।”
— सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, बेमेतरा
असरदार संदेश: किसानों का बढ़ा भरोसा, माफिया पस्त
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के ‘प्रशासनिक हंटर’ का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। इस बेखौफ कार्रवाई से बेमेतरा सहित पूरे छत्तीसगढ़ के किसानों में यह विश्वास गहरा हुआ है कि उनकी सरकार, उनकी फसल और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी ताकत से खड़ी है। वहीं, दूसरी ओर अवैध मुनाफा कमाने की सोच रखने वाले व्यापारियों के हौसले पस्त हो चुके हैं।
कंट्रोल रूम एक्टिव: आप दें सूचना, पहचान रहेगी पूरी तरह गुप्त
जिला प्रशासन ने आम जनता और सजग किसानों से अपील की है कि वे इस अभियान में सरकार के कान और आंख बनें।
- यदि कहीं भी खाद की कालाबाजारी, अवैध गोदाम या अधिक मूल्य पर बिक्री की शिकायत हो, तो तुरंत कृषि विभाग को सूचित करें।
- प्रशासन की गारंटी: सूचना देने वाले की पहचान 100% गोपनीय रखी जाएगी और शिकायत के कुछ ही घंटों के भीतर बिना किसी पूर्व सूचना के सीधे छापामार कार्रवाई की जाएगी।
