सुशासन तिहार 2026: सारंगढ़-बरमकेला में उमड़ा जनसैलाब, 1400 से अधिक ग्रामीणों की समस्याओं का हुआ समाधान
रायपुर/सारंगढ़-बिलाईगढ़, 07 मई 2026
सुशासन तिहार 2026: सारंगढ़-बरमकेला में उमड़ा जनसैलाब, 1400 से अधिक ग्रामीणों की समस्याओं का हुआ समाधान
छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत प्रशासन अब केवल फाइलों तक सीमित न रहकर सीधे जनता के द्वार तक पहुँच रहा है। इसी कड़ी में आज सारंगढ़ ब्लॉक के ग्राम उलखर और बरमकेला विकासखंड के ग्राम बड़े नावापारा में विशाल जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में ग्रामीणों का भारी उत्साह देखने को मिला, जहाँ 1400 से अधिक लोगों ने पहुँचकर सरकारी योजनाओं का लाभ लिया और अपनी समस्याएँ प्रशासन के समक्ष रखीं।

आवेदनों का अंबार और त्वरित निराकरण
शिविरों में प्राप्त आवेदनों की संख्या शासन के प्रति जनता के भरोसे को दर्शाती है। ग्राम उलखर में आयोजित शिविर में कुल 638 आवेदन प्राप्त हुए, वहीं बड़े नावापारा में यह संख्या 836 रही। कलेक्टर ने स्वयं दोनों शिविरों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि प्राप्त आवेदनों का निराकरण महज खानापूर्ति न हो, बल्कि प्राथमिकता के आधार पर ग्रामीणों को राहत पहुँचाई जाए।

विभागीय स्टॉलों पर मिलीं ऑन-द-स्पॉट सेवाएँ
प्रशासनिक अमले ने विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को मौके पर ही लाभान्वित किया:
- राजस्व विभाग: किसानों के लिए सबसे बड़ी राहत राजस्व स्टॉल पर दिखी, जहाँ किसान पुस्तिका और बी-1 का त्वरित वितरण किया गया।
- स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद: स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए नि:शुल्क जाँच शिविर में बड़ी संख्या में बुजुर्गों और महिलाओं ने अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया और दवाइयाँ प्राप्त कीं।
- समाज कल्याण एवं मत्स्य पालन: दिव्यांगों को मौके पर ही प्रमाण पत्र और पेंशन संबंधी औपचारिकताएँ पूरी की गईं। वहीं, मत्स्य विभाग द्वारा मछुआरों को जाल वितरित कर उनके रोजगार को संबल प्रदान किया गया।
- खाद्य एवं आवास: खाद्य विभाग ने पात्र हितग्राहियों को नए राशन कार्ड सौंपे। सबसे भावुक पल तब आए जब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कई परिवारों को उनके अपने पक्के घर की स्वीकृति और पूर्णता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
प्रशासन और जनता के बीच बढ़ती नजदीकी
कलेक्टर ने स्टॉलों के अवलोकन के दौरान ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और यह जानने का प्रयास किया कि उन्हें बुनियादी सुविधाओं में किस तरह की बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ‘सुशासन तिहार’ का मूल उद्देश्य यही है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी लाभ से वंचित न रहे और प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता आए।
इन शिविरों के माध्यम से शासन ने यह संदेश दिया है कि ‘सुशासन’ केवल एक शब्द नहीं, बल्कि धरातल पर दिखने वाला बदलाव है।
