अटूट आस्था के 1000 वर्ष: सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर मुख्यमंत्री श्री साय का प्रदेशवासियों को संदेश, मंदिर में की अर्चना

रायपुर/ 11 मई : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी ‘सोमनाथ स्वाभिमान दिवस’ की बधाई; सोमनाथ धाम में की देश की खुशहाली की कामना
आज पूरा देश ‘सोमनाथ स्वाभिमान दिवस’ मना रहा है। यह दिन भारतीय इतिहास और संस्कृति के पुनर्जागरण का प्रतीक है। इसी विशेष अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने समस्त देशवासियों को बधाई दी.

75 वर्ष पूर्व हुआ था जीर्णोद्धार
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस दिन के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि आज से ठीक 75 वर्ष पूर्व सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार पूर्ण हुआ था। उन्होंने याद दिलाया कि सोमनाथ मंदिर भारत की अस्मिता का केंद्र है, जिस पर इतिहास में कई बार विदेशी आक्रांताओं द्वारा आक्रमण किए गए, लेकिन हर बार यह मंदिर अपनी अटूट आस्था और शक्ति के साथ उठ खड़ा हुआ।

सरदार पटेल और डॉ. राजेंद्र प्रसाद के संकल्प को किया याद
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को नमन करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के पश्चात स्वतंत्र भारत के प्रथम गृहमंत्री आदरणीय सरदार पटेल जी ने ही सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का दृढ़ संकल्प लिया था। इस पुनीत कार्य में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी का भी पूर्ण सहयोग और सहभागिता रही थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन महान विभूतियों के प्रयासों से ही आज सोमनाथ मंदिर अपने भव्य स्वरूप में हमारे गौरव को बढ़ा रहा है।

राष्ट्र की समृद्धि के लिए की प्रार्थना
सोमनाथ धाम में बाबा सोमनाथ का विधि-विधान से अभिषेक और पूजन करने के बाद मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा, “आज सोमनाथ स्वाभिमान दिवस के पावन अवसर पर बाबा सोमनाथ के चरणों में शीश नवाकर समस्त देशवासियों और विशेषकर छत्तीसगढ़ की जनता की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की है। बाबा सोमनाथ का आशीर्वाद हम सब पर बना रहे।”

सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने इस दिवस को केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय स्वाभिमान और सांस्कृतिक विजय का पर्व बताया। उनके इस दौरे और संदेश ने एक बार फिर राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाया है।

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