राजनांदगांव 11 मई । फरहद में सात दिवसीय ‘शिव अमृतवाणी एवं राजयोग शिविर’ का आगाज़, आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर होगा राजनांदगांव का अंचल
आधुनिक जीवन की भागदौड़ और मानसिक तनाव के बीच आंतरिक शांति की खोज कर रहे लोगों के लिए समीपस्थ ग्राम फरहद में एक विशेष आध्यात्मिक आयोजन होने जा रहा है। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा 11 मई से 17 मई तक सात दिवसीय “शिव अमृतवाणी एवं राजयोग मेडिटेशन शिविर” का आयोजन किया जा रहा है।

शाम को सजेगी ज्ञान की गंगा
यह सात दिवसीय आध्यात्मिक महोत्सव प्रतिदिन शाम 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक ग्राम फरहद के दुर्गा मंच पर आयोजित होगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों के जीवन में सकारात्मकता का संचार करना और उन्हें तनावमुक्त जीवन जीने की कला सिखाना है।
मुख्य वक्ता: राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी पुष्पा दीदी
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी पुष्पा दीदी उपस्थित रहेंगी। वे अपने वर्षों के आध्यात्मिक अनुभव और ज्ञान के माध्यम से प्रतिभागियों को राजयोग मेडिटेशन की गहन अनुभूतियों से रूबरू कराएंगी। उनके प्रवचनों में जीवन की जटिल समस्याओं का सरल आध्यात्मिक समाधान और मन को एकाग्र करने के व्यावहारिक सूत्र सीखने को मिलेंगे।
शिविर के मुख्य आकर्षण और लाभ:
शिविर के दौरान विभिन्न विषयों पर प्रकाश डाला जाएगा, जो वर्तमान समय की मुख्य आवश्यकता हैं:
- सकारात्मक जीवन शैली: नकारात्मकता को छोड़कर आशावादी दृष्टिकोण विकसित करना।
- तनाव और अशांति से मुक्ति: बढ़ते मानसिक दबाव और पारिवारिक चुनौतियों के बीच आत्मबल और मानसिक संतुलन प्राप्त करना।
- संबंधों में मधुरता: आध्यात्मिक चिंतन के माध्यम से आपसी रिश्तों में प्रेम और सामंजस्य स्थापित करना।
- ध्यान का अभ्यास: प्रतिदिन सामूहिक राजयोग अभ्यास के द्वारा शांति और आनंद का अनुभव करना।
आयोजकों की अपील
मीडिया प्रभारी ब्रह्माकुमार मुरलीधर सोमानी भाई ने जानकारी देते हुए बताया कि यह शिविर हर आयु वर्ग के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। चाहे युवा हों या बुजुर्ग, राजयोग सभी को नई ऊर्जा और आत्मविश्वास प्रदान करता है।
आयोजक समिति ने क्षेत्र के समस्त धर्मप्रेमी बंधुओं और प्रबुद्ध नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस निशुल्क आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करें और अपने जीवन को सुखमय व तनावमुक्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ाएं।
