रायपुर, 11 मई 2026।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मेधावी छात्रों का बढ़ाया मान; कहा- “शिक्षा ही जीवन को दिशा देने वाली सबसे बड़ी शक्ति”
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अपने निवास कार्यालय, सिविल लाइन्स रायपुर में कक्षा 10वीं और 12वीं की प्रावीण्य सूची (Merit List) में स्थान बनाने वाले प्रदेश के होनहार छात्र-छात्राओं से आत्मीय मुलाकात की। इस सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने न केवल छात्रों को उनकी ऐतिहासिक सफलता पर बधाई दी, बल्कि उनके साथ एक अभिभावक की तरह संवाद कर उनका मार्गदर्शन भी किया।

सपनों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय छात्रों के बीच बेहद सहज नज़र आए। उन्होंने एक-एक कर सभी विद्यार्थियों से परिचय प्राप्त किया और उनके भविष्य के लक्ष्यों के बारे में विस्तार से चर्चा की। संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी आकांक्षाएं साझा कीं, जिसमें किसी ने डॉक्टर और इंजीनियर बनने की इच्छा जताई, तो किसी ने आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) बनकर देश सेवा करने का संकल्प दोहराया। मुख्यमंत्री ने छात्रों के इन बड़े सपनों की सराहना करते हुए कहा कि ऊंचे लक्ष्य और उन्हें पाने का दृढ़ निश्चय ही व्यक्ति को महान बनाता है।

सफलता का मंत्र: मेहनत, अनुशासन और सोच
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सफलता के तीन सूत्र दिए—निरंतर मेहनत, कठोर अनुशासन और सकारात्मक सोच। उन्होंने कहा, “परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना केवल एक पड़ाव है, असली शिक्षा वह है जो आपके व्यक्तित्व का निर्माण करे और जीवन को सही दिशा दे। शिक्षा ही वह शक्ति है जिससे आप न केवल अपना, बल्कि समाज और प्रदेश का भविष्य बदल सकते हैं।”

प्रेरणा और उत्साह का माहौल
मुख्यमंत्री निवास में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रों के साथ आए उनके शिक्षक और अभिभावक भी गौरवमयी क्षणों के साक्षी बने। मुख्यमंत्री ने छात्रों की पढ़ाई की दिनचर्या और उनकी सफलता के पीछे के संघर्षों को भी जाना। उन्होंने बच्चों को प्रेरित किया कि वे इसी तरह छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करते रहें और प्रदेश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। [1]
इस मुलाकात से उत्साहित विद्यार्थियों ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के सरल स्वभाव और उनके प्रेरक शब्दों ने उनमें एक नई ऊर्जा भर दी है। कार्यक्रम का समापन मुख्यमंत्री द्वारा मेधावी छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देने के साथ हुआ।
