रायपुर 14 मई : छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य विभाग ने राज्य में ईंधन की कमी को लेकर चल रही सभी अफवाहों पर विराम लगा दिया है। खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। ऑयल डिपो को उनकी आवश्यकता के अनुसार नियमित सप्लाई की जा रही है। आम जनता को किसी भी तरह की चिंता करने या घबराने की जरूरत नहीं है।

ईंधन उपलब्धता और मांग के प्रमुख आंकड़े
- सक्रिय पंप: छत्तीसगढ़ में वर्तमान में कुल 2,516 पेट्रोल और डीजल पंप संचालित हैं।
- पेट्रोल स्टॉक: राज्य में 45,474 किलोलीटर पेट्रोल का सुरक्षित भंडार है।
- डीजल स्टॉक: प्रदेश में 84,654 किलोलीटर डीजल का स्टॉक उपलब्ध है।
- दैनिक आवश्यकता: राज्य को प्रतिदिन 3,635 किलोलीटर पेट्रोल और 5,873 किलोलीटर डीजल की जरूरत होती है।
- ताजा आपूर्ति: आज ही राज्य के विभिन्न ऑयल डिपो में 6,551 किलोलीटर पेट्रोल और 4,760 किलोलीटर डीजल की नई खेप प्राप्त हुई है।
प्रमुख शहरों की स्थिति और ड्राई आउट का कारण
खाद्य सचिव ने बताया कि पिछले दो दिनों में कुछ पंपों पर अस्थाई रूप से ईंधन खत्म (ड्राई आउट) होने के कारण अफवाहें फैलीं। इस घबराहट की वजह से लोगों ने जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदना शुरू कर दिया, जिससे मांग में अचानक अप्रत्याशित वृद्धि हुई। इसी पैनिक बाइंग के कारण कुछ स्थानों पर कृत्रिम अभाव की स्थिति बन गई। प्रमुख शहरों की वर्तमान स्थिति इस प्रकार है:
- रायपुर शहर: कुल 326 पंपों में से 35 पंप अस्थाई रूप से ड्राई आउट हैं।
- बिलासपुर शहर: कुल 156 पंपों में से 13 पंप फिलहाल ड्राई आउट हैं।
इन सभी प्रभावित पंपों को जल्द से जल्द री-स्टॉक करने के लिए ऑयल कंपनियों के डिपो से लगातार टैंकर भेजे जा रहे हैं।
प्रशासन की उपभोक्ताओं से अपील
खाद्य विभाग और तेल कंपनियां आपसी समन्वय के साथ पूरे वितरण नेटवर्क पर चौबीसों घंटे निगरानी रख रही हैं। खाद्य सचिव ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों या अफवाहों के प्रभाव में न आएं। ईंधन की पैनिक खरीदी न करें और अनावश्यक संग्रहण करने से बचें, क्योंकि आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य और सुरक्षित है।
