अबूझमाड़ के दुर्गम गांवों में मोबाइल क्रांति: कुतुल में नया टॉवर शुरू, ग्रामीणों को मिली इंटरनेट की सौगात
रायपुर, 17 मई 2026: अबूझमाड़ के दुर्गम गांवों में मोबाइल क्रांति: कुतुल में नया टॉवर शुरू, ग्रामीणों को मिली इंटरनेट की सौगात
छत्तीसगढ़ के धुर नक्सल प्रभावित और दुर्गम अबूझमाड़ क्षेत्र में विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। राज्य सरकार के कड़े दिशा-निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने इस अंदरूनी इलाके में बुनियादी सुविधाओं को पहुंचाने की मुहिम तेज कर दी है। इसके तहत ‘नियद नेल्ला नार’ योजना, एलडब्ल्यूई-II (LWE-II) और आकांक्षी जिला कार्यक्रम के संयुक्त प्रयासों से अबूझमाड़ के उन गांवों में मोबाइल नेटवर्क पहुंचाया जा रहा है, जो अब तक पूरी तरह कटे हुए थे।

इस बड़ी डिजिटल पहल के अंतर्गत जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित अत्यंत संवेदनशील ग्राम कुतुल में एक नया मोबाइल टॉवर स्थापित किया गया है। 16 जनवरी 2026 को चालू हुए इस टॉवर के बाद से कुतुल और उसके आसपास के दर्जनों गांवों में मोबाइल नेटवर्क और हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी पूरी तरह बहाल हो गई है।
सुविधाओं की पहुंच और ग्रामीणों में उत्साह
टॉवर चालू होने के बाद से स्थानीय आदिवासियों और ग्रामीणों के जीवन में एक बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। अब इस क्षेत्र के लोग:
- देश-दुनिया की खबरों से सीधे जुड़ पा रहे हैं।
- आधुनिक संचार माध्यमों (जैसे व्हाट्सएप, सोशल मीडिया) का उपयोग कर रहे हैं।
- ऑनलाइन माध्यम से विभिन्न कल्याणकारी शासकीय योजनाओं की जानकारी ले रहे हैं।
- सीधे प्रशासन से जुड़कर सरकारी लाभों के लिए आवेदन कर पा रहे हैं।
नेटवर्क मिलने से लंबे समय से अलग-थलग पड़े इन गांवों में बेहद सकारात्मक और उत्साहजनक माहौल है।
कलेक्टर नम्रता जैन का बयान
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर जिला कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा, “अबूझमाड़ के सबसे अंदरूनी और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में मोबाइल टॉवर स्थापित करना प्रशासन के लिए एक बड़ी सफलता है। इससे स्थानीय निवासियों को अब बिना किसी बाधा के बेहतर नेटवर्क कवरेज मिल रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि इस सुविधा से ग्रामीणों को अपने दैनिक जीवन में काफी मदद मिल रही है और वे अब जब चाहें अपने दूर रहने वाले परिजनों से संपर्क साध सकते हैं। कलेक्टर ने भरोसा जताया कि डिजिटल कनेक्टिविटी की यह पहल अबूझमाड़ के समग्र और चौमुखी विकास में मील का पत्थर साबित होगी। यह नेटवर्क न केवल संचार बढ़ाएगा, बल्कि क्षेत्र के युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार और नए अवसरों के बंद दरवाजे भी खोलेगा।
